4 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. होली के दिन मौसम सामान्य रहने की संभावना है। दिन में तेज धूप होगी और शाम व सुबह को ही सिहरन महसूस होगी। गुरुवार को आसमान में हल्के बादल आ गये थे इसके चलते लोगों को लगने लगा था कि होली के दिन कही मौसम में बदलाव न हो जाये। मौसम वैज्ञानिक ने बदलाव से इंकार किया है उनका कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ आता है तो भी उसका असर चार व पांच मार्च तक दिखायी देगा।
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मार्च आरंभ हो गया है और न्यूनतम तापमान 18 व अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। फरवरी में बारिश नहीं हुई है जिसका असर है कि समय से पहले ही ठंड गायब हो गयी है। मौसम विभाग ने इस बार अधिक गर्मी पडऩे की संभावना जतायी है इससे पूर्वांचल में भी इस बार गर्मी का अधिक प्रकोप होगा। वातावरण में जो परिवर्तन हो रहा है उसका असर अब दिखायी देने लगा है। ठंड व बारिश को मौसम कम होता जा रहा है और गर्मी की समय अवधि बढऩे लगी है जो भविष्य के लिए खतरनाक संकेत हैं।
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46 डिग्री तक जा सकता है अधिकतम तापमान
इस बार गर्मी में अधिकतम तापमान46 डिग्री तक जाने की संभावना जतायी जा रही है। लू का भी प्रकोप दिखेगा। पूर्वांचल के लोगों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है कि अधिकतम तापमान इतना अधिक नहीं जायेगा कि लोगों की जान पर भारी पड़ जाये। मौसम में बदलाव का सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को होगा।
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जानिए क्या कहा मौसम वैज्ञानिक ने
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय का कहना है कि होली के दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। विक्षोभ का असर आता भी है तो वह चार या पांच मार्च तक आयेगा। पूर्वांचल में इस बार गर्मी अधिक पडऩे की संभावना है। सबसे अधिक समस्या बनारस के लोगों को होगी। पेड़ कट जाने से शहर हीट आईलैंड बन चुका है इसलिए गर्म हवा के थपेड़े लोगों को अधिक परेशान करेंगे।
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