बीजेपी ने गोरखपुर और इलाहाबाद फूलपुर सीट के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है
वाराणसी/इलाहाबाद. बीजेपी ने गोरखपुर और इलाहाबाद फूलपुर सीट के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। गोरखपुर सीट के लिए योगी के राजनैतिक उत्तराधिकारी के रूप में उपेन्द्र दत्त शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। वहीं इलाहाबाद फूलपुर सीट से कौशलेन्द्र सिंह पटेल के नाम की घोषणा की है। जिसके बाद फूलपुर लोकसभा उपचुनाव काफी दिलचस्प होता नजर आ रहा है।
दरअसल, ऱविवार को सपा ने फूलपुर सीट से नागेंद्र सिंह पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया है। अखिलेश यादव ने फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए ऱविवार को ही अपने सियासी पत्ता खोल दिए। साथ ही फूलपुर उपचुनाव में नागेंद्र सिंह पटेल को मैदान में उतार बीजेपी की मुश्किलें बढ़ी दी। जिसके बाज बीजेपी ने अखिलेश यादव के प्रत्याशी का काट निकालते हुए पटेल को मैदान में उतारा है। जबकि बीजेपी में केशव प्रसाद मौर्य के पत्नी राजकुमारी मौर्या का नाम फूलपुर के ले सबसे आगे चल रहा था। । पहले ही कयास लगाये जा रहे थे कि, गोरखपुर से बीजेपी किसी ब्राह्मण व फूलपुर से पटेल प्रत्याशी को चुनाव लड़ा सकती है और बीजेपी ने इसी समीकरण पर सबसे अधिक भरोसा किया है। जातिगत समीकरण की बात करें तो इलाहाबाद में पटेल मतदाता हमेशा से ही निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं। ऐसे में पटेल मतदाता अगर बंटते हैं तो चौंकाने वाला भी रिजल्ट भी आ सकता है।
लोकसभा से जोड़कर देखा जा रहा उपचुनाव
11 मार्च को फूलपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव होना है। यहां होने वाले उपचुनाव को 2019 लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। 20 फरवरी तक नामांकन होगा है। नामांकन के ठीक पहले सपा ने नागेंद्र सिंह पटेल को अपना प्रत्याशी घोषित कर सियासी गलियारे में हलचल पैदा कर दी। वहीं बीजेपी के पटेल उम्मीदवार ने मुकाबले को और दिलचस्प मोड़ दे दिया। नागेंद्र के मैदान में उतरने से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नागेंद्र सिंह की फूलपुर क्षेत्र में लोगों के बीच काफी अच्छी पैठ है। नागेंद्र वर्तमान में सपा के मंडल अध्यक्ष हैं। उनकी गिनती सपा के पुराने चेहरों में की जाती है। 2014 लोकसभा चुनाव में उन्हें टिकट का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। वहीं कौशलेन्द्र सिंह पटेल बनारस के सबसे युवा मेयर कौशलेन्द्र सिंह पटेल रह चुके हैं। इसके बाद से ही कयास लगाये जा रहे थे कि कौशलेन्द्र सिंह पटेल को भगवा पार्टी में बड़ी भूमिका हो सकती है। बीजेपी ने पटेल बाहुल्य सीट पर कौशलेंद्र सिंह पटैल को टिकट देकर जातीय समीकरण साधने की तैयारी की है।