
वाराणसी. बीएचयू में नियक्ति को लेकर जो चिंगारी सुलगी थी उसे लाठीचार्ज से हवा मिली और परिसर का माहौल बिगड़ गया। बीएचयू का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि अब काशी विद्यापीठ में होने वाली नियुक्ति सवालों को घेरे में आ गयी है। इंटरव्यू होने से पहले ही आधा दर्जन प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक हो गये हैं और यह दावा किया गया है कि इनकी नियुक्ति होनी है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का प्रकरण अब राज्यभवन पहुंच चुका है। परिसर में नियुक्ति का विवाद नहीं सुलझा तो मामला कोर्ट तक भी जा सकता है।
यह भी पढ़े:-सीएम अखिलेश को मिला मुलायम का साथ तो कांग्रेस से गठबंधन में फंस सकता पेंच
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वीसी डा.पी नाग का कार्यकाल १ फरवरी २०१८ को खत्म हो रहा है। विद्यापीठ के वीसी का पावर १ नम्बर को सीज हो जायेगा। परिसर में असिस्टेंट, एसोसिएट व प्रोफेसर के कुल ६३ पद खाली है। इसमे असिस्टेंट के ४३, एसोसिएट के ८ व प्रोफेसर के १२ पद है। इन सभी पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया है और तीन अक्टूबर को इंटरव्यू होना है। परिसर में नयी नियुक्ति को लेकर खेमेबाजी भी शुरू हो गयी है। इसी बीच ललित कला, वाणिज्य व मनोविज्ञान विभाग में कुछ खास लोगों को ही कॉल लेटर जारी किया गया है और कुछ जगहों पर एपीआई काटे जाने का भी आरोप लगा। इसके बाद सक्रिय हुए लोगों ने तत्काल सम्पूर्ण प्रकरण से राज्यभवन को अवगत कराया है और पारदर्शिता नहीं बरतने पर नियुक्ति रोकने तक की मांग की है। मामला मीडिया में आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ और लोगों को कॉल लेटर जारी कर दिया है।
यह भी पढ़े:-जेल में जिंदगी और हृदय में प्रभु राम, यह है काशी के सेंट्रल जेल की रामलीला
कुलपति की बेदाग छवि के बाद भी सवालों के घेरे में नियुक्ति
काशी विद्यापीठ के वीसी डा.पी नाग की छवि बेदाग है इसके बाद भी नियुक्ति को लेकर तमाम तरह के आरोप लग रहे हैं। परिसर की चर्चा की माने तो सेटिंग करके नियुक्त होने वाले लोगों के नाम तक तय हो चुके हैं। इन अभथर््िायों से कौन फायदा उठा रहा है इस पर चर्चा हो रही है। फिलहाल काशी विद्यापीठ में नियुक्ति होने से पहले ही विवाद हो गया है।
यह भी पढ़े:-दशहरा के बाद सीएम योगी को देनी होगी पहली परीक्षा, आसान नहीं है राह