केशव मौर्य ने दावा किया है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना उनका खुद का फैसला था उनके ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया। शंकराचार्य को लखनऊ जाने के लिए परमिशन दिए जाने पर उन्होंने कहा कि परमिशन देने का काम हमारा नहीं है...
वाराणसी: अपने एक दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य काशी पहुंचे। यहां उन्होंने सर्किट हाउस में पार्टी के पदाधिकारियों से मुलाकात की। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की। केशव प्रसाद मौर्य ने दावा करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फैसला था कि वह राज्यसभा जाएं। उनके ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया।
वाराणसी पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ही फैसला था कि वह राज्यसभा जाएं। उनके ऊपर किसी प्रकार का दबाव नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह राजनीति में निर्णय बहुत ही बड़ा है और जिन्होंने यह निर्णय लिया है, वह देश के बड़े नेता हैं। बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम के सवाल पर केशव मौर्य ने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि कौन होगा यह मुझे नहीं मालूम। दरअसल, नीतीश कुमार के इस्तीफा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है कि उन्होंने बीजेपी के दबाव में आकर अपना इस्तीफा सौंपा है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के गाय को राज्य माता का दर्जा दिए जाने को लेकर लखनऊ कूच करने के सवाल पर केशव मौर्य ने कहा कि गौ माता की उत्तर प्रदेश में पहले से ही सुरक्षा हो रही है। गौ माता के अंदर करोड़ों देवी देवताओं का वास है और हम उनकी पूजा करते। शंकराचार्य को लखनऊ में परमिशन दिए जाने के सवाल पर कहा कि जिन्हें परमिशन लेना है वे जानें, जिन्हें परमिशन देना है वह जानें, हम कुछ नहीं जानते। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय को राज्य माता का दर्जा देने के लिए प्रदेश सरकार को 40 दोनों का समय दिया था और वह समय समाप्त होने वाला है। इसको लेकर लेकर उन्होंने धर्म युद्ध का ऐलान किया है और लखनऊ कूच करने वाले हैं।