
वाराणसी. बीएचयू के इतिहास में पहली बार महिला सुरक्षाकर्मी तैनात की गयी है। परिसर में छेडख़ानी के बाद धरना दे रही छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद से विश्वविद्यालय की व्यवस्था में परिवर्तन हो रहा है। पहली बार विश्वविद्यालय को महिला चीफ प्रॉक्टर प्रो.रोयाना सिंह तैनात की गयी है। इसके बाद परिसर में पहली बार महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी है।
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यूपी पूर्व सैनिक कल्याण निगम से मोटिवेंशनल ट्रेनिंग और इंटरव्यू के बाद सात म महिला सुरक्षाकर्मी परिसर मेें तैनात की गयी है। यह वह महिला है, जिनके पति सेना में तैनात रह चुके है। विंध्यवासिनी पाठक, प्रतिमा मौर्या, प्रेमलता, पूनम पांडेय , सीमा शुक्ला आदि महिलाओं को पहली बार परिसर की सुरक्षा संभालाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार हेल्पलाइन नम्बर जारी किया है। हेल्प लाइन नम्बर और पर छात्राएं मदद मांग सकती है। छात्राओं को जूडो-कराटे की ट्रेनिंग देने की योजना है। इसके अतिरिक्त चार पहिया, साइकिल व बाइक से सुरक्षाकर्मियों की गश्त बढ़ायी जायेगी। महिला छात्रावास के बाहर सीसीटीवी लगाने का काम तेज हो गया है।
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महिला शिक्षक को मिल सकता है कार्यवाहक वीसी का चार्ज
बीएचयू के वीसी प्रो.जीसी त्रिपाठी अवकाश पर चले गये हैं। बीएचयू के वीसी कब लौट कर आयेंगे। इसकी किसी को जानकारी नहीं है। बीएचयू के वीसी जल्द लौट कर आते हैं तो पूर्व व्यवस्था बहाल हो जायेगी। यदि बीएचयू के वीसी जल्द अवकाश से लौट कर नहीं आते हैं तो वरिष्ठ महिला शिक्षक को बीएचयू का कार्यवाहक वीसी बनाया जा सकता है।
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पीएम मोदी ने भी बीएचयू मामले में किया है हस्तक्षेप
पीएम नरेन्द्र मोदी २२ व २३ सितम्बर को अपने संसदीय क्षेत्र काशी में आये थे। इसी दौरान परिसर में छेडख़ानी के विरोध में छात्राओं ने धरना दिया था। बीएचयू के सामने से ही पीएम मोदी के काफिले को मां दुर्गा मंदिर में दर्शन करने के लिए जाना था। छात्राओं के विरोध के चलते पीएम मोदी के काफिले को रास्ता बदलना पड़ा था उसी समय पीएम मोदी के संज्ञान में बीएचयू का मामला आया था और उन्होंने समस्या के समाधान के लिए हस्तक्षेप भी किया था।
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