वाराणसी

वाराणसी के लेनिन रघुवंशी को प्रथम कर्मवीर महारत्न पुरस्कार

-काशी के नामचीन समाजसेवी के रूप में हैं विख्यात-दलितों, कमजोर तबकों का उन्नयन है इनका लक्ष्य-दीवाली की पूर्व दिवस पर लेनिन रघुवंशी को मिली यह सूचना

2 min read
Oct 28, 2019
Lenin Raghuvanshi

वाराणसी. जिले के जाने माने समाजसेवी लेनिन रघुवंशी को प्रथम कर्मवीर महारत्न पुरस्कार 2019 के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें 26 नवंबर को दिया जाएगा। बता दें कि कर्मवीर पुरस्कार के 10 साल पूरे हो गए है और 11वे साल में प्रवेश किया है। इस अवसर पर एक महिला कर्मवीर पुरस्कार विजेता और एक पुरुष कर्मवीर पुरस्कार विजेता को प्रथम बार कर्मवीर महारत्न दिया जाएगा। कर्मवीर महारत्न इसी वर्ष कर्मवीर पुरस्कार के दस साल होने पर शुरू किया गया है। इस बार लेनिन रघुवंशी बदलाव और लोगों के जीवन में लगातार परिवर्तन लाने के लिए प्रथम कर्मवीर महारत्न पुरस्कार से नवाजे जाएंगे। इनका नॉमिनेशन कर्मवीर पुरस्कार के संस्थापक और सुप्रसिद्ध लेखक जेरी (Jeroninio Almeida) ने किया है।

पुरस्कार घोषणा के बाद लेनिन रघुवंशी ने कहा कि दीवाली के समय यह एक उत्कृष्ट उपहार है। यह पुरस्कार सभी विदेशी पुरस्कारों से ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत के संविधान के प्रस्तावना के शपथ के दिवस 26 नवंबर को दिया जाएगा।

बता दें कि लेनिन ने वंचितों के अधिकार के रक्षा के लिए मानवाधिकार जन निगरानी समिति की स्थापना की, जिसके 72 हजार लोग सदस्य है और अभी तक 23 हजार बंधुवा मजदूरों को मुक्त कराकर पुनर्वासित किया है। 75 हजार से ज्यादा मानवाधिकार हनन के मामलों में हस्तक्षेप किया है, जिसमे 281करोड रूपया पीडितो को मिला है। यहां यह भी बता दें कि टाटा ट्रस्ट की मदद से संघटन ने वाराणसी के 20 मदरसे में 5271 बच्चो और बच्चियों को आधुनिक Education दे रहा है। मदरसे में लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है, जहां 7000 किताबे जन मित्र न्यास द्वारा दिया गया है। स्वीडन की पारुल शरमा के मदद से 130 बच्चियों को स्कालरशिप दी जा रही है।

न्यूज़ीलैण्ड दूतावास की मदद से 20 गावो में Kitchen गार्डन बनाया है। यहां दलितों ने पहली बार दस हजार क्विंटल सब्जी पैदा किया, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्मंत्री ने अपने राज्य में लागू करने की घोषणा की है। श्रुति, जय कुमार मिश्र और लेनिन की जनाब हरिहर प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी टाटा चाय के साथ मिलकर social बिज़नस के तहत 11 जिले के गांवो के 90 नवयुवको को रोजगार मुह्हैया कराया है। इससे पूर्व जन मित्र न्यास पंजाब नेशनल बैंक के साथ मिलकर 780 रिक्शावालो को रिक्शे का मालिक बनाया है।

लेनिन रघुवंशी और डेनमार्क के इंगेर आगर द्वारा यातना और हिंसा के पीडितो के मनोवैयानिक मदद के लिए विकसित किए गए टेस्टीमोनियल थेरेपी का इस्तेमाल भारत, लंका, नेपाल और कम्बोडिया में किया जा रहा है। वहीं लेनिन सुप्रसिद्ध टार्चर जर्नल के संपादक मंडल के सदस्य है और भारत के 6 विश्वविद्यालय और यूरोप के 6 विश्विद्यालय द्वारा यूरोपियन यूनियन के मदद से संचालित ग्लोबल इंडिया (http://globalindia.eu/ ) के मानद सदस्य है।

Published on:
28 Oct 2019 12:28 pm
Also Read
View All