
वाराणसी. सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विकास के लिए बहुत से कार्य किये थे। सपा सरकार ने रोडवेज की स्थिति सुधारने के लिए कई नयी बसों को चलवाया है, जिसके चलते यात्री सुविधाओं में इजाफा हुआ है इसके बाद भी सपा सरकार में यह काम नहीं हो पाया था जो सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में हो गया है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के दावे को माने तो यह वर्तमान सरकार के लिए अच्छी खबर है। स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि रोडवेज के दिसम्बर में आठ करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जबकि पिछले साल ही रोडवेज को 28 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था। पिछली कई वर्षों बाद रोडवेज को लाभ हुआ है जो बहुत अच्छी बता है। मंत्री ने कहा कि बसों का समय से परिचालन, यात्री सुविधा में बढ़ोतरी व डग्गामारी पर लगाम लगाने से ही रोडवेज को मुनाफा हुआ है। मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि 15 साल से सड़कों पर डग्गामार वाहनों का कब्जा था, जिसके चलते रोडवेज को मुनाफा नहीं हो पाता था आगे भी रोडवेज की कमाई में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
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सरकार के लिए शुभ संकेत हैं रोडवेज का मुनाफा कमाना
सरकार के लिए रोडवेज बस सेवा घाटा का सौदा साबित होती आयी है। यूपी में किसी भी पार्टी की सरकार हो, लेकिन रोडवेज कभी पैसा कमाने वाला विभाग नहीं बन पाया है। सरकार से रोडवेज के लिए मिला बजट वेतन में ही खर्च हो जाता है, जिसके चलते रोडवेज की सुविधाओं में बहुत बढ़ोतरी नहीं हो पाती है। मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने सिर्फ दिसम्बर में ही लाभ की बात कही है यदि ऐसा लाभ भविष्य में भी होता है तो सीएम योगी सरकार को फायदा होगा। रोडवेज फिर से घाटा में जाती है तो एक बार फिर सरकार के लिए यह विभाग बोझ बन सकता है।
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