
वाराणसी. यूपी चुनाव 2017 में पीएम नरेन्द्र मोदी ने ताबड़तोड़ चुनावी सभा करके सारे समीकरण को बदल दिया था। पीएम मोदी ने जहां पर भी चुनावी सभा की थी वहां पर अखिलेश यादव व मायावती सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देना, भ्रष्टाचार, ध्वस्त कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा आदि का मुद्दा उठाया था। जनता ने पीएम मोदी की बात पर विश्वास किया और बीजेपी को पहली बार तीन सौ से अधिक सीटो पर जीत दिलायी। यूपी में सीएम योगी सरकार को कायम हुए एक साल से अधिक का समय बीत गया है इस दौरान पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस में ही ऐसी पांच बड़ी घटनाएं हुई है जो सीएम योगी सरकार पर बड़ा सवाल उठाती है।
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केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के काफिले में घुसे युवकों ने किया था अभद्रता का प्रयास
सीएम योगी राज में बनारस में केन्द्रीय मंत्री व अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल के ही काफिले में कुछ युवक कार सहित घुस गये थे और युवकों ने केन्द्रीय मंत्री के साथ अभद्रता करने का प्रयास किया था बाद में मंत्री की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने युवकों को पकड़ा था। उसी समय सवाल उठा था कि सीएम योगी की पुलिस जब केन्द्रीय मंत्री की सुरक्षा नहीं कर सकती है तो आम महिला का क्या हाल होगा।
मेयर को पैदल ही पड़ा था भागना
नगर निगम के मिनी सदन के दौरान मेयर श्रीमती मृदुला जायसवाल पर विरोधी दलों के सभासदों ने घेरने का प्रयास किया था उनके वाहन को रोकने के चलते उसे क्षतिग्रस्त तक किया गया था और मेयर को पैदल ही वहां से भागना पड़ा था उसी समय सवाल उठा था कि केन्द्र व प्रदेश में जिस दल की सरकार है उसी पार्टी की मेयर को भी पूरी सुरक्षा नहीं मिल पा रही है तो आम आदमी कैसे सुरक्षित महसूस करेगा।
फ्लाईओवर हादसे के बाद सेतु निगम पर ही फोड़ा गया ठीकरा
फ्लाईओवर हादसे ने सरकार की साख पर बड़ा सवाल उठाया था। फ्लाईओवर की बीम गिरने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या तक मौके पर पहुंचे थे। उसके बाद सुबह बीएचयू में हादसे में घायल मृतकों से पोस्टमार्टम के लिए सुविधा शुल्क मांगा जा रहा था। पैसे लेने का वीडियो जब वायरल हुआ तो जिला प्रशासन की आंख खुली और दोषी पर कार्रवाई की गयी।
वरुणा कॉरीडोर के नाम पर बचाये गये अतिक्रमणकारी
वरुणा नदी की सेहत सुधारने के लिए सपा सरकार ने वरुणा कॉरीडोर प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके बाद बीजेपी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का निर्देश दिया है। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से लेकर बीजेपी के अन्य मंत्री ने वरुणा नदी पर अतिक्रमण करके बनाये गये होटल व भवनों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन कुछ किया नहीं। स्थिति यह हो गयी है कि वरुणा कॉरीडोर प्रोजेक्ट को पूरा करके अतिक्रमण करने वालों को बचाया जा रहा है। एक बार प्रोजेक्ट पूरा हो गया तो फिर अतिक्रमण करने वाले पर कभी कार्रवाई नहीं हो पायेगी।
दबा दिया गया दालमंडी में अवैध बेसमेंट प्रकरण
बनारस के एसएसपी आरके भारद्वाज ने खुद ही दालमंडी में अवैध बेसमेंट पकड़ा था और फिर तत्कालीन कमिश्रर ने शासन से इन बेसमेंट को ढहाने के लिए अनुमति मांगी थी लेकिन आज तक अनुमति नहीं दी गयी है जबकि स्थानीय लोगों के साथ शहर के अन्य हिस्से के लिए भी यह अवैध बेसमेंट बड़ा खतरा बन सकते हैं इसके बाद भी यूपी सरकार ने कार्रवाई नहीं की।
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