
वाराणसी. बीएचयू बवाल के बाद जिला पुुलिस बैकफुअ पर आ गयी है। जिले के किसी विश्वविद्यालय में अभी छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए है और अब इस बात की कम संभावना है कि दीपावली के पहले किसी विश्वविद्यालय या महाविद्यालय मेें चुनाव हो पाये।
यह भी पढ़े:-नगर निगम चुनाव में BJP के प्रत्याशियों को लेकर सस्पेंस, पर्दे के पीछे से कर रहे प्रचार
महत्मा गांधी काशी विद्यापीठ, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, यूपी कालेज, हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है। इन जगहों पर अब छात्रसंघ चुनाव कराये जाने है। विश्वविद्यालय व कालेज प्रशासन भी चाहता है कि जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव करा दिय जाये। इसके बाद परिसर में पठन-पाठन सामान्य हो पायेगा। छात्रसंघ चुनाव कराने से पहले पुलिस प्रशासन से तिथि का अनुमोदन कराना पड़ता है। छात्रसंघ चुनाव के लिए भारी संख्या में फोर्स की जरूरत होती है। पुलिस प्रशासन चुनाव कराने की तभी अनुमति देता है जब पुलिस फोर्स खाली रहती है।
यह भी पढ़े:-सोशल मीडिया पर आये बनारस के कमिश्रर, ट्वीट कर बताये अपनी समस्या
बीएचयू बवाल के बाद पुलिस नहीं देना चाहती कोई मौका
बीएचयू में बवाल के बाद पुलिस छात्र संगठनों को विवाद करने का मौका नहीं देना चाहती है। पीएम नरेन्द्र मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ तक बीएचयू बवाल की गूंज सुनायी दी थी। बीएचयू तो अब शांत हो गया है उसके बाद पुलिस प्रशासन को मुहरर्म व दशहरा को शांतिपूर्ण ढंग से बिताने की जिम्मेदारी थी। पुलिस प्रशासन ने दोनों त्यौहार को सम्पन्न करा लिया है अभी दीपावली आनी बाकी है। ऐसे में पुलिस प्रशासन दीपावली के पहले चुनाव की तिथि जारी करने को लेकर गंभीर नहीं है।
यह भी पढ़े:-डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या व सिद्धार्थनाथ सिंह के गढ़ में फेल सीएम योगी सरकार
कुछ जगहों पर हो सकते हैं चुनाव
काशी विद्यापीठ में १० अक्टूबर को दीक्षांत समारोह है। इसके चलते दीपवाली के पहले परिसर में छात्रसंघ चुनाव होना कठिन है। यूपी कालेज प्रशासन छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए तैयार है। दीपावली के पहले यहां पर चुनाव कराने की अनुमति मिल सकती है। हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में भी दीपावली के पहले चुनाव कराने की संभावना कम है। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कम छात्र संख्या के चलते दीपावली के पहले चुनाव हो सकता है या फिर सभी जगहों पर दीपावली के बाद ही लोकतंत्र की नर्सरी लहलहा पायेगी।
यह भी पढ़े:-अखिलेश यादव को मिल जायेगी सबसे बड़ी ताकत तो बीजेपी का उपचुनाव जीतना होगा कठिन