थाना प्रभारी की दिलेरी से बड़ा बवाल टला, संयम के साथ छात्रों को किया नियंत्रित
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ छात्रसंघ चुनाव नामांकन के दौरान छात्र गुटों में भिडंत हो गयी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) व सपा के छात्र संगठन आमने-सामने हो गये। पथराव होने से भगदड़ की स्थिति बन गयी थी। छात्रसभा प्रत्याशी को ले जा रहे चार पहिया वाहन को तोड़ा गया था। कुछ छात्र उसे जलाना चाहते थे इसी बीच सिगरा थाना प्रभारी पहुंच गये और वाहन पर बैठ गये। अराजक तत्वों से कहा कि पहले मुझे जलाओ तभी वाहन जला पाओगे।
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सिगरा थाना प्रभारी आशुतोष ओझा का हौसला देख कर अराजक तत्व वाहन को नहीं फूंक पाये। इसी बीच पुलिस ने लाठी पटक कर छात्रों को वहा से भगा दिया। इस घटना को वीडियो मीडिया में तेजी से वायरल होने लगा है। बताते चले कि काशी विद्यापीठ में नामांकन जुलूस निकल रहा था। सड़क के एक किनारे एबीवीपी प्रत्याशी व उनके समर्थक चल रहे थे जबकि दूसरी तरफ छात्रसभा के लोग आ गये थे। इसी बीच एक गुट ने दूसरे गुट पर सबसे पहले फूल फेका। इसके बाद दूसरे गुट ने जवाब में टमाटर फेकना शुरू किया। इसके बाद वहां की स्थिति बिगड़ गयी। कुछ छात्रों ने पथराव कर दिया। जिस जीप पर बैठ कर छात्रसभा के प्रत्याशी जा रहे थे वह पथराव में क्षतिग्रस्त हो गयी। मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मी किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए थे। पथराव के बाद अराजक तत्व फिर से क्षतिग्रस्त जीप के पास पहुंचे थे और उसे जलाने का प्रयास करने लगे। सिगरा थाना प्रभारी दौड़ते हुए आये और जीप पर बैठ गये। कहा कि पहले मुझे जलाओ। थाना प्रभारी के गुस्से को देख कर छात्र वहा से हट गये। पुलिस ने समय पर सावधानी नहीं दिखायी होती तो बड़ी घटना घट सकती थी।
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फोर्स की दिखी कमी
काशी विद्यापीठ छात्रसंघ नामांकन में भारी फोर्स तैनात की जाती है इस बार फोर्स की कमी दिखी। पथराव की जानकारी मिलने के बाद कई थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गयी थी। परिसर के चुनाव में अक्सर बवाल होता है इसके चलते एहतियात बरता जाता है।
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