वाराणसी

काशी के निजी स्कूलों पर नकेल, नहीं कर पाएंगे मनमानी, डीएम ने चलाया प्रशासनिक डंडा

निजी स्कूलों द्वारा फीस, किताबें और यूनिफार्म के नाम पर मनमाना पैसा वसूलने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई नियामक समिति की बैठक में डीएम ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है..

2 min read
Apr 18, 2026
बैठक करते जिलाधिकारी

वाराणसी: निजी स्कूलों द्वारा फीस, किताबें और यूनिफार्म के नाम पर मनमाना पैसा वसूलने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई नियामक समिति की बैठक में डीएम ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने यह साफ किया कि नियम तोड़ने वाले प्रत्येक निजी स्कूलों के खिलाफ अब कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश स्ववित्वपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम) अधिनियम 2018 के तहत निजी विद्यालयों में फीस को लेकर समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा है कि स्कूलों के पिछले तीन वर्षों की फीस का पूरा विवरण और ऑडिट की गई रिपोर्ट के कार्यालय में प्रेषित की जाए। उन्होंने बताया कि उसके पीछे का मकसद यह तय करना है कि स्कूलों द्वारा की गई फीस बढ़ोतरी मानक के अनुरूप थी या नहीं।

मनमाने तरीके से नहीं कर सकेंगे फीस बढ़ोतरी

जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया है कि कोई भी विद्यालय तय सीमा से अधिक फीस कि बढ़ोतरी नहीं कर सकता और किताबें यूनिफार्म के बहाने बच्चों के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ और कमीशन का खेल करता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना या फिर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया है कि कोई भी स्कूल किसी निश्चित दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं कर सकता।

अभिभावक कंट्रोल रूम में करें शिकायत

वहीं जिला प्रशासन ने अभिभावकों की समस्या को सुनने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। 0542-2509413 पर कॉल करके अभिभावक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि शिकायत दर्ज करने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और जांच के दौरान यदि विद्यालय के ऊपर लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोई भी स्कूल 5 साल के बीच अपनी यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं करेगा। इसका मकसद है कि अभिभावक प्रत्येक साल नए कपड़े खरीदने को मजबूर ना हों। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि जिला प्रशासन की टीम समय-समय पर विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें और छात्रों से फीडबैक भी ले। जिलाधिकारी के इस निर्देश से फिलहाल उम्मीद लगाई जा रही है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगेगी और शिक्षा के नाम पर स्कूल मनमाना काम नहीं करेंगे।

Published on:
18 Apr 2026 01:46 pm
Also Read
View All