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स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को दी “गढ़ छोड़ने” की चुनौती, कहा- दम है तो गोरखपुर से लड़ो चुनाव

वाराणसी में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पैतृक सीट छोड़कर चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
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वाराणसी

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Anuj Singh

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Updated: 18 Apr 2026, 11:45 AM IST

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव को खुली चुनौती दी

UP Politics: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में महिला आरक्षण बिल को लेकर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव को पैतृक सीट छोड़कर चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी। स्मृति ईरानी अमेठी से पूर्व सांसद रह चुकी हैं।

कार्यक्रम और महिला आरक्षण पर चर्चा

वाराणसी में 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और स्मृति ईरानी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं। संसद में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पास न हो पाने पर भाजपा की ओर से जमीन स्तर पर चर्चा शुरू की गई है। स्मृति ईरानी और डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की महिला आरक्षण बिल के लिए तारीफ की। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

अखिलेश पर स्मृति का पलटवार

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव की लोकसभा में की गई टिप्पणी पर जोरदार पलटवार किया। अखिलेश यादव ने स्मृति ईरानी पर 'सास-बहू' वाला तंज कसा था। इसके जवाब में स्मृति ईरानी ने कहा कि परंपरागत सीट से चुनाव लड़ना बहुत आसान है। उन्होंने कहा कि मुझ जैसी कामकाजी महिला ने किसी के गढ़ में जाकर परचम लहराया। हमने कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को उनके गढ़ अमेठी में हराया था। स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी से हराया था।

चुनौती भरा बयान

स्मृति ईरानी ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव में इतना दम है तो अपनी पैतृक सीट छोड़कर कहीं और से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि अखिलेश यादव गोरखपुर से चुनाव लड़ लें। उन्होंने कहा कि दम है तो पैतृक सीट या गढ़ छोड़कर कहीं से चुनाव जीत कर दिखा दें। कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है। जो लोग कभी नौकरी नहीं की हो, वे ज्यादा टिप्पणी करते हैं।

विरासत बनाम मेहनत

स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में विपक्ष में उनका रहना सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव घूमने और मेहनत करने में बहुत समय लगता है। गंभीर नेता के पास सीरियल देखने का समय नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि पैतृक सीट से लड़कर जीत सकते हैं, क्योंकि धरोहर में राजनीति मिली है। लेकिन किसी के गढ़ में जाकर हराने का दम उनमें नहीं दिखता।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर

स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण बिल को महिलाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष की वजह से बिल पास नहीं हो पाया, लेकिन सरकार प्रयास जारी रखेगी। यह कार्यक्रम महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा की जनता से जुड़ने की कोशिश का हिस्सा था। स्मृति ईरानी का यह हमला विपक्ष और भाजपा के बीच जारी सियासी जंग को और तेज कर रहा है।

वाराणसी में स्मृति ईरानी का अखिलेश यादव पर हमला उत्तर प्रदेश की राजनीति को गर्म कर रहा है। स्मृति ईरानी ने कामकाजी महिला होने का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। अब देखना है कि अखिलेश यादव इस चुनौती का क्या जवाब देते हैं। महिला आरक्षण बिल पर सियासत अभी और बढ़ने वाली है। महिलाओं का सशक्तिकरण देश के विकास के लिए जरूरी है।

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