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महिला आरक्षण बिल फेल होते ही सड़कों पर उतरीं अपर्णा यादव, सपा-कांग्रेस के झंडे जलाए, हक छीनने का लगाया आरोप

महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास न होने के बाद यूपी की राजनीति गरमा गई है। अपर्णा यादव ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर विपक्ष पर निशाना साधा।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Apr 18, 2026

महिला आरक्षण पर अपर्णा यादव का बड़ा प्रदर्शन

महिला आरक्षण पर अपर्णा यादव का बड़ा प्रदर्शन

UP Politics: संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक खारिज हो गया। इस बिल के जरिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। बिल 2029 के चुनावों से लागू होने वाला था। लेकिन जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिलने से यह बिल पास नहीं हो सका।

अपर्णा यादव का विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार देर रात लखनऊ के विधान भवन के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के झंडे जलाए। अपर्णा यादव ने कहा कि इस बिल को पास न होने से महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह बिल अटका हुआ है। महिला आयोग की सदस्यों ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। अपर्णा यादव ने कहा कि शनिवार को इस मामले में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

विपक्ष पर तीखा हमला

अपर्णा यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष द्वेष के कारण इस बिल का समर्थन नहीं कर रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि दशकों पहले जब महिलाएं संसद और सदन के सामने आईं तो विपक्षी नेताओं ने उन्हें धक्के दिए, झूठे आश्वासन दिए और उनके कार्यकर्ताओं से हमले करवाए। लाठीचार्ज भी करवाया गया। अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री जी का तहे दिल से धन्यवाद करना चाहती हूं कि उन्होंने 'नारी शक्ति अधिनियम' को सदन के पटल पर लाया। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके दृढ़ प्रयासों से यह बिल पास होगा। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे भारत की महिलाओं का सशक्तिकरण होगा और राष्ट्र मजबूत बनेगा।

काला दिन बताया

लोकसभा में बिल खारिज होने पर अपर्णा यादव ने कहा कि जिस दिन को हमें उत्सव के रूप में मनाना था, वह हमारे सामने काले दिन के रूप में आया है। यह विपक्ष के आचरण को दर्शाता है। उन्होंने देश के सभी नागरिकों के सामने विपक्ष की सच्चाई लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया।

महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी

महिला आरक्षण बिल लंबे समय से लंबित था। कई वर्षों से महिलाएं इसकी मांग कर रही हैं। अगर यह बिल पास हो जाता तो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती। इससे कानून बनाने में महिलाओं की आवाज मजबूत होती। परिवार, समाज और देश के फैसलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ने से विकास तेज होता। अपर्णा यादव जैसे नेता इस मुद्दे पर सड़क पर उतरकर विपक्ष की आलोचना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी। प्रदर्शन में बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल थे। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्ति दोहराई कि अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा।

बिल पास न होने से सियासत गर्म

महिला आरक्षण बिल पास न होने से सियासत गर्म है। सरकार और समर्थक इसे महिलाओं के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं। विपक्ष पर आरोप है कि वे राजनीतिक वजहों से बिल का विरोध कर रहे हैं। अपर्णा यादव का प्रदर्शन इस मुद्दे को और तेज कर रहा है। अब देखना है कि आगे इस बिल पर क्या होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण देश के मजबूत भविष्य के लिए जरूरी है। उम्मीद है कि जल्द ही यह बिल पास होकर महिलाओं को उनका हक मिलेगा।