र्मचारियों को मिल गया वेतन, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में १२ वें दिन छोटी दीपावली का असर दिखा और आंदोलन बेअसर रहा। परिसर में शिक्षक, कर्मचारी व दोनों छात्र गुटों की दरी बिछी हुई थी और नाममात्र के लोग ही आंदोलन का कोरम पूरा करते दिखे।
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कर्मचारियों की मुख्य रुप से तीन मांग थी। संविदा कर्मचारियों को पांच माह के मानदेय के भुगतान के साथ स्थायी लोगों के वेतन व सातवा वेतनमान देने की मांग है। स्थायी कर्मचारियों का वेतन आ गया है, जिसके बाद काफी कर्मचारियों ने आंदोलन से दूरी बना ली। मानदेय पर तैनात कर्मचारियों को एजेंसी के जिस एकाउंट से भुगतान होता है उसमे कुछ तकनीकी दिक्कत है इसलिए संविदा कर्मचारियों को इस बार अंधेरे में दीपावली मनानी पड़ेगी।
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शिक्षक व कर्मचारियों की रही कम उपस्थिति
विश्वविद्यालय में आंदोलन का अधिक असर नहीं हुआ है। वीसी अपने स्तर से नियुक्ति करने में जुटे हैं ओर इंटरव्यू लेटर भी जारी हो चुका है। छोटी दीपावली के चलते शिक्षक व दोनों छात्र गुटों के बहुत कम लोग ही धरना देने पहुंचे थे। आंदोलन के लिए ११ दिन तक शिक्षक, कर्मचारियों वह छात्रों में जोश था जो अब ठंडा पड़ गया है। कभी अध्यापकों को लापता बता कर छात्रों ने भजन गा कर उन्हें खोजा था। कर्मचारियों ने जूता पालिश करके व चाय बेच कर भी आंदोलन किया था। शिक्षक भी नियुक्ति में अनियमिता बरतने का आरोप लगाकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं और अब शिक्षकों का भी हौसला खत्म होने लगा है, जिसका असर धरनास्थल पर दिखायी दिया है। फिलहाल परिसर में दीपावली तक शांति रहने की संभावना है इसके बाद फिर से आंदोलन की धार तेज हो सकती है।
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