शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बच्चों संग मेडिकल रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि होने के आशुतोष ब्रह्मचारी के दावे पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि क्या आशुतोष ब्रह्मचारी यूपी पुलिस के प्रवक्ता हैं जो इसके बार में प्रेस वार्ता कर रहे हैं....
वाराणसी: बाल यौन शोषण के आरोपों से घिरे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आशुतोष ब्रह्मचारी के मेडिकल रिपोर्ट में बच्चों संग यौन शोषण की पुष्टि के दावे पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसी मेडिकल रिपोर्ट को कोर्ट में जमा करना होता है, ऐसे में आशुतोष ब्रह्मचारी के पास वह रिपोर्ट कैसे पहुंची और कैसे वह कॉन्फ्रेंस करके लोगों को इस बारे में जानकारी दे रहे हैं। शंकराचार्य ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
मेडिकल रिपोर्ट कि जानकारी आशुतोष महाराज को कैसे हुई: शंकराचार्य
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी और सरकार इस मामले में एक दूसरे से मिली हुई है। बच्चों संग यौन शोषण होने की पुष्टि की रिपोर्ट आशुतोष ब्रह्मचारी के पास गई और आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस बारे में पत्रकार वार्ता की। शंकराचार्य ने सवाल उठाया है कि क्या आशुतोष ब्रह्मचारी उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता है, जो इस बारे में मीडिया में जानकारी दे रहे हैं। शंकराचार्य ने कहा कि इस तरह की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। फिर इस बारे में आशुतोष ब्रह्मचारी को कैसे जानकारी हुई।
जानबूझकर मामले को दिया जा रहा तूल: शंकराचार्य
शंकराचार्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पूरी कहानी को मनगढ़ंत तरीके से बनाया गया है और इस मामले को तूल दिया जा रहा है। भारत में कानून, पुलिस और सरकार का किस तरह से दुरुपयोग हो सकता है, यह इसका जीता जागता उदाहरण है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया है कि एपिस्टिन की फाइल में बड़े-बड़े लोगों के नाम शामिल है और भारत के भी कुछ बड़े लोग उसमें हो सकते हैं। इसी वजह से शंकराचार्य के मामले को तूल दिया जा रहा है।