
वाराणसी: पूर्वांचल की सबसे बड़ी थोक मंडी दालमंडी को लेकर शासन नाराज है। बताया जा रहा है कि यहां अभी तक 50% कार्य भी पूरा नहीं किया गया है। इसके बाद शासन ने अधिकारियों को फटकार लगाई है और भवन ध्वस्तिकरण के कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
दालमंडी में चल रहे धीमे कार्य पर शासन ने नाराजगी जताई है। शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बरसात से पहले सभी 187 भावनाओं को ध्वस्त किया जाए। इसके साथ ही मकान मालिकों को जल्द से जल्द उनके मकान की रजिस्ट्री करवा कर मुआवजा भी बांटा जाए। दालमंडी में चल रहे धीमे कार्य को लेकर अधिकारियों को शासन ने फटकार भी लगाई है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 22 जुलाई से बारिश की संभावना जताई गई है। इसी को लेकर शासन ने संबंधित विभागों से दालमंडी चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। नई सड़क से चौक तक करीब 650 मीटर लंबी इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाना है।
दालमंडी के चौड़ीकरण को लेकर लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मकान का सर्वे कर रही है। इस दौरान अब तक 47 मकान की रजिस्ट्री कराई गई है और लगभग 33 करोड़ रूपया मुआवजे के रूप में भवन स्वामियों को दिया गया है।
शासन स्तर पर इस सड़क चौड़ीकरण कार्य को लेकर 215.59 करोड रुपए जारी किए गए हैं, जिसमें मकान मालिकों का मुआवजा, सड़क, नाली, सीवर और बिजली से संबंधित कार्य किए जाने हैं। हालांकि, धीमी गति से हो रहे कार्य और मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया से शासन नाराज है।
दरअसल, बारिश हो जाने के बाद बोल्डर गिट्टी भरने और जल निकासी की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से इसे जल्द से जल्द पूरा करवाने को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, ताकि परियोजना तय समय के मुताबिक पूरी हो सके। बता दें कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है और विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक शुगम रास्ता बनाया जा रहा है। सड़क के दोनों तरफ पाथवे और ग्रीनरी का भी निर्माण किया जाना है।
Updated on:
17 Apr 2026 09:26 am
Published on:
17 Apr 2026 09:26 am
