
वाराणसी. कुंडा के बाहुबली क्षत्रिय विधायक राजा भैया से शिवपाल यादव आगे निकल गये हैं। शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव की भी परेशानी को बढ़ा दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 में राजा भैया व शिवपाल यादव में किसको विजय मिलती है यह पता चल जायेगा। फिलहाल शिवपाल यादव ने जिस तरह से काम किया है उससे सपा सबसे अधिक परेशान है।
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मुलायम सिंह यादव परिवार में विवाद के बाद शिवपाल यादव ने अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनायी है। कुंडा के बाहुबली विधायक राजा भैया भी जनसत्ता पार्टी का ऐलान कर चुके हैं। दोनों ही नये दलों में अब नेताओं को जोडऩे की होड़ मची हुई है। शिवपाल यादव में संगठन खड़ा करने की बड़ी क्षमता है। मुलायम सिंह यादव इस बात को जानते थे इसलिए सपा में संगठन की जिम्मेदारी शिवपाल यादव को ही मिलती थी। सपा से अलग हो जाने के बाद शिवपाल यादव ने तेजी से अपना संगठन खड़ा करना शुरू कर दिया है। जिलाध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक शिवपाल यादव ने लोगों को अपनी पार्टी से जोड़ा है। सपा से बड़े नेताओं को तोड़ कर शिवपाल यादव ने अपने मोर्चा में शामिल किया है। शिवपाल यादव की सक्रियता से अखिलेश यादव तक परेशान हो गये हैं और उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में गोवर्धन पूजनोत्सव में भाग लेकर कैडर वोटरों को साधने का प्रयास किया है। अखिलेश यादव इससे पहले वर्ष 2007 में बतौर सांसद गोवर्धन पूजनोत्सव में भाग लिए थे। इससे साफ बता चलता है कि शिवपाल यादव की सक्रियता ने अखिलेश यादव की परेशानी बढ़ा दी है और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उन जगहों पर जाना पड़ रहा है जहां के वोट बैंक को लेकर सपा सबसे अधिक निश्चित रहती थी।
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राजा भैया से आगे निकल चुके हैं शिवपाल यादव
संगठन को खड़ा करने के मामले में राजा भैया से आगे शिवपाल यादव निकल चुके हैं। राजा भैया का प्रतापगढ़ के अतिरिक्त इलाहाबाद क्षेत्र में अच्छी पकड़ है लेकिन नयी पार्टी का ऐलान करने के बाद राजा भैया ने संगठन खड़ा नहीं किया है जबकि शिवपाल यादव ने प्रदेश भर में अपना संगठन खड़ा कर दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 में अधिक समय नहीं बचा है इसलिए राजा भैया के पास संगठन खड़ा करने का अधिक समय नहीं बचा है। राहुल गांधी, मायावती व अखिलेश यादव के संभावित महागठबंध को देखते हुए राजा भैया व शिवपाल को अपना संगठन मजबूत करना होगा। ऐसा नहीं किया तो पीएम नरेन्द्र मोदी बनाम महागठबंधन के चुनाव में अन्य दलों के प्रत्याशी की जमानत तक जब्त हो सकती है।
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