प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की मौजूदगी में शुक्रवार को वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ऐप लांच किया गया। इस मौके पर बोले मुख्य सचिव एप से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। बाबा का दर्शन-पूजन पहले से ज्यादा सुगम होगा। श्रद्धालुओं को पल-पल की जानकारी मिलती रहेगी।
वाराणसी. महाशिवरात्रि पर काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन अब और आसान व सुगम होगा। श्रद्धालुओं को कतार में नहीं लगना होगा। उन्हें इसका भी पता चल सकेगा कि वो कौन सा मार्ग है जहां से हो कर वो आसानी से बाबा दरबार तक आसानी से पहुंच सकते हैं। विश्वनाथ धाम के किस इलाके में कितनी भीड़ है। इसका भी बखूबी पता चल सकेगा। श्रद्धालुओं को ये सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट एप लांच किया गया।
श्रद्धालु इस एप को गूगल प्ले स्टोर से अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकेंगे। एप डाउनलोड करने के बाद श्रद्धालु आसानी से यह पता कर सकेंगे कि दर्शन-पूजन के लिए उनका नंबर कब आएगा। वो विश्वनाथ धाम में प्रवेश के लिए बनाए गए चार रास्तों में से किससे प्रवेश करें। मंदिर प्रशासन का कहना है कि बाबा दरबार में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही बेहतर व्यवस्था के लिए ये एप लांच किया गया है।
महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें बेहतर सहूलियत प्रदान करने के लिए ये एप लांच किया गया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद उसकी सुरक्षा और महाशिवरात्रि पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम की समीक्षा के बाद मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि 13 दिसंबर 2021 को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण होने के बाद देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए आ रहे हैं। ऐसे में दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढोत्तरी हो रही है। ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट एप लांच करने का निर्णय लिया गया। फिलहाल इसका ट्रायल कर इसकी फंक्शनिंग परखी जाएगी। फिर महाशिवरात्रि पर इसी की मदद से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन की कोशिश होगी। उसके बाद एप में बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन-पूजन और आरती देखने की भी व्यवस्था बनाई जाएगी। एप में देश की सारी भाषाएं भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी ताकि देश के किसी कोने का शिवभक्त इसकी मदद से काशी आकर आसानी से बाबा का दर्शन-पूजन कर सके।
मुख्य सचिव ने बताया कि इस एप पर बाबा की आरती और दर्शन के लिए बुकिंग करने की सुविधा भी शुरू होगी। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाएगा। ऐप से जुड़े हुए श्रद्धालुओं को हर घंटे एनाउंसमेंट के जरिए दर्शन के दौरान भीड़ की सही स्थिति की जानकारी दी जाएगी ताकि कतार में लगे श्रद्धालुओं को पल-पल की जानकारी होती रहे। वो जान सकें कि उनकी बारी कब आएगी। इस एप की मदद से भीड़ के दबाव का अध्ययन भी हो सकेगा। ऐसा होने के बाद यातायात को व्यवस्थित करने में मदद मिलगी। एप की लांचिंग के दौरान डीजीपी मुकुल गोयल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल और पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश सहित पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने आगामी 1 मार्च को होने वाले शिवरात्रि पर की तैयारियों की जानकारी दी। मंडलायुक्त ने बताया कि इस बार गंगा की ओर से भी श्रद्धालुओं को आने के लिए नया मार्ग खोला गया है। इसके अलावा गर्भ गृह में दर्शन करने के लिए सभी प्रवेश द्वारों से प्रवेश और किसी को परेशानी ना हो इसलिए उसी प्रवेश द्वार निकास की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जगह-जगह एलईडी लगाकर श्रद्धालुओं को गर्भ गृह का लाइव दिखाया जाएगा।
ये होगी व्यवस्था
-वीवीआइपी को जल मार्ग से आने के लिए आग्रह किया गया है
-मैदागिन और गोदौलिया से किसी भी प्रकार के बड़े वाहन को अनुमति नहीं रहेगी
-दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए मंदिर प्रशासन ई रिक्शा चलाएगा
-जगह-जगह पानी की व्यवस्था
- श्रद्धालुओं को कतार बद्ध होने में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए बैरिकेडिंग
-रात्रि के दौरान होने वाले आयोजन को लेकर भी पर्याप्त व्यवस्था
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि शिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा शहर के अन्य बड़े शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है वही शिवरात्रि से पूर्व पंचकोषी परिक्रमा शिवरात्रि के दिन शाम के समय विभिन्न संगठनों द्वारा परंपरागत शिव बारात भी निकाली जाती है। इन आयोजनों को देखने के लिए देश भर से श्रद्धालु काशी आते हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि परिसर में श्रद्धालुओं के को कतार बद्ध करने के लिए स्टील की रेलिंग लगाई जाएगी वही मंदिर में झांकी दर्शन की व्यवस्था निरंतर चलती रहेगी। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी होगी पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम से लेकर सीसीटीवी कैमरे आदि की भी व्यवस्था की जा रही है। इन जानकारियों के बाद मुख्य सचिव ने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ धाम के बनने के बाद पहला शिवरात्रि का पर्व है ऐसे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। वही गंगाद्वार से पहली बार श्रद्धालुओं का आगमन होगा इससे सुरक्षा व्यवस्था और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। शिव मंदिरों में इतनी अच्छी व्यवस्था की जाए कि इस बार श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव हो सके। दो-तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाले आयोजन से श्रद्धालुओं को काशी वासियों को एक अलग अनुभव होगा।
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस बल को इस बार इलेक्शन और शिव की नगरी काशी में होने वाले विभिन्न आयोजनों को लेकर पुलिस विभाग को सतर्क और मुस्तैदी से कार्य करने का निर्देश दिया।