पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को खुला चैलेंज दिया है कि वह अपनी पैतृक सीट से नहीं बल्कि किसी और सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि वह कामकाजी महिला हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पैतृक सीट (अमेठी) से चुनाव लड़कर जीत चुकी हैं...
वाराणसी: चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी काशी पहुंचीं। उनके साथ प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए काशी पहुंचे हुए थे। इस दौरान स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव को चुनौती दी है कि वह गोरखपुर की सीट से चुनाव लड़कर और जीत कर दिखाएं।
चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चर्चा की गई और समाज में महिलाओं की 33% भागीदारी को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपनी अपनी बातें लोगों के सामने रखीं। इस दौरान स्मृति ईरानी ने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य हर क्षेत्र में महिलाओं की 33% भागीदारी को सुनिश्चित करने का है।
वहीं, स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को खुला चैलेंज दिया है कि वह अपनी पैतृक सीट से नहीं बल्कि किसी और सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि वह कामकाजी महिला हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पैतृक सीट (अमेठी) से चुनाव लड़कर जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा, "यदि अखिलेश यादव में दम है तो वह गोरखपुर की सीट से चुनाव लड़े और जीत कर दिखाएं।"
नारी शक्ति अधिनियम पर संसद में चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने सास बहू सीरियल को लेकर स्मृति ईरानी पर तंज कसा था, जिसके बाद स्मृति ईरानी ने पलट वार किया है। उन्होंने कहा है कि अखिलेश यादव को सीरियल और टीवी छोड़कर संसद में हो रहे चर्चा और कामकाज पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को इस बिल का समर्थन करना चाहिए।
स्मृति ईरानी ने कहा है, 'हम जैसे लोगों ने नौकरी भी की है और टैक्स भी भरते हैं और टैक्स इसलिए नहीं भरते हैं कि संसद में सास बहू जैसे सीरियल की बात हो, टैक्स इसलिए भरा जाता है कि संसद में संसदीय कार्य पर ध्यान दिया जाए।" उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव फिलहाल विपक्ष में हैं और लगता है कि उन्हें विपक्ष में रहना ज्यादा पसंद है। उन्होंने कहा कि एक नेता अपने संसदीय क्षेत्र और लोगों के बीच घूमते-घूमते थक जाता है। ऐसे में उसे टीवी और सीरियल देखने का समय नहीं रहता।
वहीं, उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी के बाद से महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पाया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में वह सपना साकार होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे दल हमेशा महिलाओं की उपेक्षा करते रहे हैं और संसद में धर्म के नाम पर आरक्षण की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वे लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं, क्योंकि वे अच्छी तरह से जानते हैं कि भारतीय संविधान में धर्म के नाम पर आरक्षण संभव नहीं है।