कोयला, डीजल और बिजली के बाद भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है
वाराणसी. कोयला, डीजल और बिजली के बाद भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। ट्रेन की बोगियों को अलग रूप देकर उसे यात्रियों की सुविधानुसार बनाया जा रहा है। ट्रेन की बोगियों में सोलर पैनल लगाने की तैयारी चल रही है। इसके तहत वाराणसी से प्रदेश की राजधानी को जोड़ने वाली लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस की बोगियों में सोलर पैनल लगाने की योजना है। प्रायोगिक तौर पर वाराणसी- लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस में सौर ऊर्जा से विद्युत आपूर्ति की योजना है। लखनऊ स्थित आलमबाग कार्यशाला में ट्रेन की बोगियों में प्रयोग चल रहा है। जबकि पश्चिम रेलवे में इस तरह का प्रयोग पहले से चल रहा है। नई दिल्ली से प्रस्तावित स्वच्छता एक्सप्रेस की दस बोगियों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।
मंडल यांत्रिक अभियंता वाराणसी नितेश पांडेय का इस पर कहना है कि अभी तक बोगियों में सोलर पैनल लगाने की अधिकृत जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन इस तरह के प्रयोग भारतीय रेलवे में चल रहे हैं। बता दें कि अब तक ट्रेन की बोगियों चेक जेनरेटिंग सिस्टम से ही विद्युत उपकरण चलाए जाते हैं। यह ट्रेन चलने के दौरान ही सक्रिय होकर बिजली का उत्पादन करता है। बोगियों में लगी बैटरी उसी ऊर्जा से चार्ज होती है।