वाराणसी

गैस की किल्लत का श्री काशी विश्वनाथ अन्न क्षेत्र पर नहीं हुआ असर, प्रतिदिन 15 हजार लोगों को मिलता है भोजन, जानें कैसे पकता है प्रसाद

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा संचालित अन्न क्षेत्र में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और एलपीजी के मिश्रण से हर दिन करीब 15 हजार लोगों के लिए प्रसाद तैयार किया जा रहा है...

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Mar 24, 2026
File photo

वाराणसी: मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से कई देशों में ईंधन की मारामारी देखने को मिल रही है। भारत में भी एलपीजी गैस को लेकर लगातार कई शिकायतें आ रही हैं, जिनमें उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लाभ मिल पाना प्रमुख है। इस बीच श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने एक अनूठी पहल पेश करते हुए समाधान पेश किया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा संचालित अन्न क्षेत्र में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों और एलपीजी के मिश्रण से हर दिन करीब 15 हजार लोगों के लिए प्रसाद तैयार किया जा रहा है। देश भर में गैस की कमी के बावजूद भी इस व्यवस्था के कारण प्रसाद की सेवा बिना किसी रूकावट के जारी है।

शुद्ध और सात्विक भोजन होता है तैयार

इस अन्न क्षेत्र में अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं और इसमें तैयार होने वाला भोजन पूरी तरह से शुद्ध और सात्विक होता है, जिसमें लहसुन और प्याज का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता। यहां दाल चावल और सब्जी जैसे भोजन को अत्याधुनिक मशीनों के जरिए तैयार किया जाता है। ये मशीनें पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक हैं, जिन्हें एलजी की आवश्यकता नहीं पड़ती। शायद यही वजह है कि रसोई गैस की कीमत के बावजूद भी इस अन्य क्षेत्र के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

इन लोगों को मिल रहा लाभ

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि रसोईघर की कुल क्षमता प्रतिदिन लगभग 30 हजार लोगों के भोजन बनाने की है। हालांकि, फिलहाल अभी 15 हजार लोगों को ही नियमित रूप से भोजन कराया जा रहा है और इस सेवा का लाभ संस्कृत विद्यालयों के छात्र, अस्पताल के मरीज, कैंसर अस्पताल से जुड़े लोग, दंडी स्वामी और बटुक उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अन्न क्षेत्र में एलपीजी की भी कोई कमी नहीं है और जिला प्रशासन द्वारा कामर्शियल सिलेंडरों की लगातार आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी इस्तेमाल करके भोजन तैयार करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।

जारी रहेगा प्रसाद बनाना

पूरे भारत में एलपीजी संकट को लेकर जहां लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है वहीं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की यह पहला एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि फिलहाल अभी ईंधन की कोई कमी नहीं है अगर भविष्य में ऐसा होता है तो इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाएगी। लेकिन, किसी भी तरह से अन्न क्षेत्र में प्रसाद का बना और लोगों के बीच वितरित किया जाना नहीं रोका जाएगा।

Published on:
24 Mar 2026 06:41 pm
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