
वाराणसी. लोकसभा चुनाव 2019 में बनारस को कितना महत्व है यह बीजेपी से लेकर उसके विरोधी दल तक जानते हैं लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली ऐसी है कि यहां की बदहाल व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। बनारस के निरीक्षण पर आये केन्द्रीय मंत्री ने पहली बार काशी की व्यवस्था की बेबाकी से ऐसी पोल खोली की अधिकारी भी कुछ बोल नहीं पाये।
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यूपी में सबसे अधिक पर्यटक बनारस में आते हैं। विश्व की सबसे प्राचीन नगरी होने के साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी बनारस है इसके बाद भी अतिक्रमण व गंदगी की मार से काशी कराह उठी है। केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फॉन्स ने बनारस का निरीक्षण करने के बाद दु:ख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि इतना गंदा शहर है यहां पर क्यों कोई पर्यटक आयेगा। नगर आयुक्त नितिन बंसल पर तल्ख टिप्पणी करते हुए केजे अल्फॉन्स ने कहा कि आपका शहर बहुत गंदा है। जब देश का सबसे गंदा कहा जाने वाले शहर साफ हो सकता है तो बनारस क्यों नहीं साफ हो सकता है। उन्होंने कहा कि नई सड़क से सबसे अधिक पर्यटक जाते हैं और यहां पर सड़को पर अतिक्रमण करके वाहन खड़े किये जाते हैं जिससे जाम लग जाता है। यह बहुत छोटी समस्या है जरा सा ध्यान देने पर इस समस्या का समाधान हो जायेगा। मंत्री केजे अल्फॉन्स ने तल्ख टिप्पणी करते हुए नगर आयुक्त से कहा कि आप तो स्मार्ट आईएएस है किसी भी हाल में गंगा में एक मलजल नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सारनाथ में पांच लाख पर्यटक आते हैं जो बढ़ कर १० लाख हो जाने चाहिए थे लेकिन चारो तरफ फैला हुआ कूड़ा व गंदगी के चलते इस शहर मे कौन आना चाहेगा। केन्द्रीय मंत्री केजे अल्फॉन्स ने काशी की सही तस्वीर तो दिखायी है अब देखना है कि अफसरों की कार्यप्रणाली में बदलाव होता है की नहीं।
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सीएम योगी लगाते हैं फटकार, नगर विकास मंत्री देते है कार्रवाई का आश्वासन
सीएम योगी ने बनारस का कई बार निरीक्षण किया है और गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगा कर चले जाते हैं। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना खुई कई बार बनारस आ चुके हैं और छोटे अधिकारियों को निलंबित भी किया है लेकिन जब बड़े लोगों पर गाज गिराने की बारी आती है तो सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं। आमतौर पर पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के चलते बनारस की व्यवस्था पर मंत्री भी अधिक नहीं बोलते हैं लेकिन जिस ईमानदारी व बेबाकी से केन्द्रीय मंत्री केजे अल्फॉन्स ने सच्चाई दिखायी है उससे सीएम योगी सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है।
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नीचे से लेकर उपर तके चल रहा सेटिंग का खेल
नीचे से लेकर उपर के अधिकारियों में सेटिंग का खेल चल रहा है। शासन का स्पष्ट आदेश है कि जिस इलाके में अतिक्रमण होता है स्थानीय थानेदार जिम्मेदार होगा। इसके बाद भी ऐसे किसी थानेदार पर कार्रवाई नहीं की गयी है जबकि केन्द्रीय मंत्री केजे अल्फॉन्स ने अतिक्रमण को लेकर सख्त टिप्पणी की है। शहर में कूड़ा उठाने के लिए तमाम एजेंसी कार्य कर रही है इसके बाद भी शहर से गंदगी खत्म नहीं हुई है। इससे साफ होता है कि व्यवस्था में सुधार को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं है भले ही वह पीएम मोदी का ही संसदीय क्षेत्र हो।
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