उदय प्रताप कॉलेज में 20 मार्च को छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या किए जाने के बाद अभी भी छात्रों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचकर छात्रों ने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है...
वाराणसी: उदय प्रताप कॉलेज में 20 मार्च को दिनदहाड़े कैंपस में घुसकर छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद अभी भी छात्रों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। छात्र पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पहुंचकर छात्रों ने खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है।
छात्रों की मांग है कि जिस पिस्टल से गोली मारकर सूर्य प्रताप की हत्या की गई थी, उस पिस्टल को उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति को पुलिस ने अब तक नहीं पकड़ा है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने में लापरवाही दिखा रही है। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस दौरान मुख्य आरोपी और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया छात्र मनजीत चौहान का भाई लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव है और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जातीय उन्माद को बढ़ावा दे रहा है। छात्रों ने मांग की है कि उसकी भी गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
छात्रों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मामले की जांच के लिए एडीएम आलोक वर्मा को एक महीने का समय दिया था। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी तरह की जांच भी शुरू नहीं हो पाई है। छात्रों का आरोप है कि ऐसे में एडीएम जिलाधिकारी के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालिया निशान खड़ा कर रही है। छात्रों का आरोप है कि इस मुकदमे में पुलिस लापरवाही बरत रही है और मामले की लीपापोती में लगी हुई है।
दरअसल, यूपी कॉलेज में 20 मार्च को दिनदहाड़े करीब 11:30 बजे के आसपास बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि मनजीत सिंह नामक छात्र पर हत्या का आरोप लगा है, जिसे पुलिस ने घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके साथ ही उसके एक साथी अनुज मौर्य मेरे कोर्ट परिसर में आत्म समर्पण कर दिया था। हत्या की इस घटना के बाद पूरे परिसर में छात्रों ने हिंसक प्रदर्शन किया था, जिसमें कई शिक्षकों को भी चोटें लगी थी और कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया था।