
UP Politics News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर बीजेपी की तैयारी भी मुकम्मल होती नजर आ रही है। करीब एक तिहाई सीटों की संगठनात्मक मशीनरी आज काशी में जुटी हुई है। बीजेपी ने मिशन 2027 की तैयारी के बीच काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 133 विधानसभा सीटों के प्रभारी और विस्तारक एक मंच पर बुलाकर तैयारी शुरू कर दी है।
पूर्वांचल की 133 विधानसभा सीटों पर बीजेपी जीत का बिगुल फूकने की कोशिश में लगी हुई है। इसी कारण नारिया स्थित चौधरी शोध संस्थान में बुधवार से दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में 266 प्रभारी व विस्तारक शामिल हुए हैं। इस बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावडे और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह पहुंचे हुए हैं। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विधानसभा स्तर पर संगठन की भूमिका, बूथ प्रबंधन और चुनावी तैयारी को लेकर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि इसमें काशी और गोरक्ष क्षेत्र की संगठनात्मक टीम एक साथ प्रशिक्षण ले रही है। बीजेपी की इस कार्यशाला का दायरा पूर्वांचल के बड़े हिस्से में पहले दो संगठनात्मक क्षेत्र तक फैला हुआ है। काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों के 142 और गोरक्ष क्षेत्र की 62 सीटों के 124 प्रभारी व विस्तारक इसमें शामिल होने के लिए काशी पहुंचे हुए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के सामने संगठन की सक्रियता को बनाए रखने और उसे चुनावी जरूरत के अनुरूप तैयार करने की एक बड़ी चुनौती है। वहीं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बीच बूथ स्तर तक संगठन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
दरअसल उत्तर प्रदेश की सत्ता का रास्ता पूर्वांचल से होकर ही गुजरता है और इसी पूर्वांचल में बीजेपी के काशी और गोरक्ष क्षेत्र आते हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सबसे बड़ी अग्नि परीक्षा इसी क्षेत्र में होनी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई थी। आजमगढ़ के सभी सीटों पर सपा के प्रत्याशियों की जीत हुई थी। आंकड़ों की बात करें तो एनडीए 2022 में काशी क्षेत्र के 41 और गोरक्ष क्षेत्र के 40 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, सपा गठबंधन ने काशी की 30 और गोरक्ष की 20 सीटों पर अपनी धाक जमाई थी, जबकि गोरक्ष की एक-एक सीट पर बसपा व कांग्रेस ने चुनाव जीता था।