‘शर्त मंजूर तो ही साथ संभव’: दोनों NCP के एक होने पर बोले रोहित पवार, वित्त मंत्रालय के बहाने कसा तंज
Also Read
View All 75 दिनों तक गूंजेगी बस्तर की संस्कृति, 1.21 करोड़ के बजट से होगी भव्य तैयारी, UNESCO सूची पर भी फोकस
Pratapgarh News: प्रतापगढ़ में दंपती ने जहर खाकर दी जान, भतीजे से विवाद के बाद उठाया कदम
Punjab Politics: पंजाब में भी जीत के लिए बीजेपी अपनाएगी अपना ‘सुपरहिट’ फार्मूला
राजस्थान में जापानी फाइटर जेट्स की एंट्री: भारत के साथ जोधपुर में ‘वीर गार्जियन’ अभ्यास शुरू, 22 सितंबर तक चलेगा सैन्य अभ्यास

यह हाल उस शहर का है जो देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की संसदीय सीट है और जिसे देश के सर्वाधिक आधुनिक शहर में तब्दील करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तमाम दावें कर रही है। लेकिन आलम यह है कि पहली बरसात ने ही तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है। गौरतलब है कि विगत वर्ष आधा बनारस दो माह तक
शहर के कई हिस्सों में देर शाम तक जाम लगा रहा। कैंट रेलवे स्टेशन की रेल पटरियों पर भी पानी जमा हो गया था। बारिश की वजह से मंगलवार को वाराणसी के गोदौलिया इलाके में करीब 20 फीट सड़क धंस गई। हालाकिं, हादसे में कोई चोटिल नहीं हुआ। बता दें, इसी सड़क से सटी सड़क पर सावन में जल चढ़ाने आए कांवरियों की लाइन लगाने के लिए बैरिकेडिंग लगी हुई है।
इसके अलावा नई सड़क, जैतपुरा, विजयनगरम, गौदौलिया, सामने घाट समेत तमाम इलाकों में बारिश का पानी सीवरों को ओवर फ्लो कर रहा है।चौक जैतपुरा के इलाके में कई दुकानों और घरों में सड़क से पानी लोगों के घरों में घुस गया।
गौरतलब है किस बीच गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। शहर के कुछ इलाकों में लोगों के घर के साथ साथ विद्यालयों में भी पानी भरा हुआ है। अस्सी से बंगाली टोला इंटर कालेज की दो किलोमीटर कीसड़क पर दो से तीन फिट तक पानी लगा हुआ है ,यही हाल रेवड़ी तालाब ,गौदालिया ,जैतपुरा समेत अन्य इलाकों में भी है । चूँकि शहर में सफाई कार्य और कूड़े का उठान नहीं के बराबर है इसलिए स्थिति और भी नारकीय हो गई है।नई सड़क के राधेशयाम कहते हैं कि जिस तरह से लोगों ने शहर पर अतिक्रमण किया था और सरकार जगह जगह गड्ढे खुदवा रही है यह दिन तो देखना ही था। गौरतलब है कि बनारस में विगत एक दशक के दौरान वाराणसी में सड़क के किनारे नालियों पर तो अतिक्रमण बढ़ा ही है अनधिकृत तरीके से बनाए गए होटलों ,विद्यालयों और रिहायशी इलाकों की संख्या तेजी से बढ़ी है ,जिसका नतीजा सामने दिखने लगा है।