मोटेरा में बुजुर्ग दंपत्ति के मकान पर किराएदारों ने किया कब्जा, लैंड ग्रेबिंग एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज
Also Read
View All 
यह हाल उस शहर का है जो देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की संसदीय सीट है और जिसे देश के सर्वाधिक आधुनिक शहर में तब्दील करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तमाम दावें कर रही है। लेकिन आलम यह है कि पहली बरसात ने ही तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी है। गौरतलब है कि विगत वर्ष आधा बनारस दो माह तक मानसून दौरान त्राहिमाम करता रहा है लेकिन इससे कोई सबक नहीं लिया गया।
शहर के कई हिस्सों में देर शाम तक जाम लगा रहा। कैंट रेलवे स्टेशन की रेल पटरियों पर भी पानी जमा हो गया था। बारिश की वजह से मंगलवार को वाराणसी के गोदौलिया इलाके में करीब 20 फीट सड़क धंस गई। हालाकिं, हादसे में कोई चोटिल नहीं हुआ। बता दें, इसी सड़क से सटी सड़क पर सावन में जल चढ़ाने आए कांवरियों की लाइन लगाने के लिए बैरिकेडिंग लगी हुई है।
इसके अलावा नई सड़क, जैतपुरा, विजयनगरम, गौदौलिया, सामने घाट समेत तमाम इलाकों में बारिश का पानी सीवरों को ओवर फ्लो कर रहा है।चौक जैतपुरा के इलाके में कई दुकानों और घरों में सड़क से पानी लोगों के घरों में घुस गया।
गौरतलब है किस बीच गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। शहर के कुछ इलाकों में लोगों के घर के साथ साथ विद्यालयों में भी पानी भरा हुआ है। अस्सी से बंगाली टोला इंटर कालेज की दो किलोमीटर कीसड़क पर दो से तीन फिट तक पानी लगा हुआ है ,यही हाल रेवड़ी तालाब ,गौदालिया ,जैतपुरा समेत अन्य इलाकों में भी है । चूँकि शहर में सफाई कार्य और कूड़े का उठान नहीं के बराबर है इसलिए स्थिति और भी नारकीय हो गई है।नई सड़क के राधेशयाम कहते हैं कि जिस तरह से लोगों ने शहर पर अतिक्रमण किया था और सरकार जगह जगह गड्ढे खुदवा रही है यह दिन तो देखना ही था। गौरतलब है कि बनारस में विगत एक दशक के दौरान वाराणसी में सड़क के किनारे नालियों पर तो अतिक्रमण बढ़ा ही है अनधिकृत तरीके से बनाए गए होटलों ,विद्यालयों और रिहायशी इलाकों की संख्या तेजी से बढ़ी है ,जिसका नतीजा सामने दिखने लगा है।