Varanasi: विवाह के लिए गुरु और शुक्र का उदय होना जरूरी होता है। इन दोनों में से किसी के भी अस्त होने पर विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं।
Akshaya Tritiya: सनातन धर्म में अच्छे तृतीया तिथि का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इस दिन किया गया हर काम शुभ और फलदायी होता है। इस दिन बिना पंचांग देखे भी शुभ कार्य जैसे विवाह गृह प्रवेश आदि किए जा सकते हैं। लेकिन इस वर्ष 10 में को अक्षय तृतीया पर शहनाई नहीं गूंजेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित विकास शास्त्री के अनुसार 61 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब अक्षय तृतीया पर विवाह गौना आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस बार अक्षय तृतीया के दिन गुरु और शुक्र अस्त होने के कारण ऐसा होगा। 28 जून को शुक्र ग्रह उदय होंगे। इसके बाद ही शादी और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त निकलेगा।
विवाह के लिए गुरु और शुक्र का उदय होना जरूरी होता है। इन दोनों में से किसी के भी अस्त होने पर विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। लिहाजा इस बार अक्षय तृतीया पर गुरु एवं शुक्र के अस्त होने के कारण विवाह मुहूर्त के लिए जुलाई तक का इंतजार करना होगा। 9 जुलाई से शादी की शहनाइयां बजेगी जुलाई में विवाह के लिए मुहूर्त 9, 11,12,13 और 15 तारीख को हैं।