
Flood in Varanasi: वाराणसी में भारी बारिश के बाद भी गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले तीन दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। हालांकि, इस दौरान वरुणा नदी उफान पर है। वरुणा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आलम यह है कि वरुणा नदी चेतावनी बिंदु को पार कर गई है और निचले इलाकों में मकान में पानी भरना शुरू हो गया है। मकान में पानी भरने के बाद लोग पलायन को मजबूर हैं और टेंट में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। हालांकि गंगा नदी के जलस्तर में कमी होने के बाद भी वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में बीते तीन दिनों से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। गंगा का जलस्तर 67.92 मीटर है, जबकि वरुणा नदी का जलस्तर 70.31 मीटर को पार कर चुका है। बता दें कि 70.31 मीटर चेतावनी बिंदु है। वरुणा के बढ़ते जलस्तर के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि, गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट हुई है और गंगा के जलस्तर में ऐसे हालात 3 साल से लगातार सामने आ रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को वरुणा नदी का जलस्तर 70.31 मीटर को पार कर गया जो इसका चेतावनी बिंदु है। हालांकि, पानी बढ़ने के बाद भी फिलहाल यह स्थिर बताया जा रहा है।
वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्तीय इलाकों में दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोग या तो अपने घरों की छतों पर गुजारा कर रहे हैं या फिर किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से किसी प्रकार की मदद नहीं मिल रही है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से जलस्तर के घटना का ट्रेंड बरकरार है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल अगस्त के पहले और दूसरे सप्ताह में जलस्तर तेजी से बढ़ता है और अंतिम सप्ताह में इसमें गिरावट दर्ज की जाती है।
बता दें कि 2023 में अगस्त के अंतिम सप्ताह में जलस्तर 64.76 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, 2024 में अगस्त में 66.96 मीटर जबकि 2025 में 67.86 मीटर दर्ज किया गया था। वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या चोरों का आतंक है। लोगों को यह डर है कि खाली मकान देखकर कर चोर उस पर धावा बोल सकते हैं और घर के सामानों की चोरी हो सकती है। नक्खी घाट के रहने वाले मोहम्मद आफताब आलम ने बताया कि पूरा परिवार रिश्तेदार के यहां चला गया है, जबकि वह घर के छत पर रहकर निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रात में ऐसे इलाकों में चोरों का आतंक बढ़ जाता है।