राष्ट्रकुल खेलों में 69 किलो भार वर्ग में सोने का तमगा हासिल करनेे वाली काशी की बेटी का जोरदार खैरमकदम।
वाराणसी. काशी की बेटी पूनम यादव का शुक्रवार की सुबह बनारस पहुंचने पर एयरपोर्ट से उसके गांव तक काशी की जनता ने गर्मजोशी से स्वागत किया। पूनम जैसी ही लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से बाहर निकलीं, पहले से मौजूद जनता ने जोरदार नारे लगाए। उन्हें मालाओं से लाद दिया गया। पूनम भी काशी की जनता के इस प्रेम से आह्लादित नजर आईं। फिर एयरपोर्ट से जो कारवां निकला तो जगह-जगह रोक-रोक कर लोगों ने उनका स्वागत किया। यह सिलिसला हरहुला ब्लॉक के दानूपुर गांव तक जारी रहा। लोग सड़क के दोनों किनारे खड़े हो कर स्वर्णिम सफलता हासिल करने वाली अपनी बिटिया का खेरमकदम किया।
बता दें कि पूनम यादव ने कामनवेल्थ गेम में 69 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 69 किलो भार वर्ग में कुल 222 किलो वजन उठाया। इसमें स्नैच में 100 किलो और क्लीन एंड जर्ग में 122 किलो भार उठा कर यह स्वर्णिम सफलता हासिल की। वाराणसी के हरहुआ ब्लॉक के दानूपुर गांव की निवासी पूनम एक किसान परिवार से आती हैं। पूनम का परिवार काफी गरीबी झेल चुका है। उस गरीबी में भी उन्होंने कड़ी मेहनत की और देश का नाम रोशन किया। ऐसे में उनके काशी आगमन का हर किसी को बेसब्री से इंतजार था।
पूनम इंडिगो एयरलाइंस के विमान से सुबह 9.30 बजे हवाई अड्डे पहुंचीं। लेकिन उनके पहुंचने के पहले ही हवाई अड्डे के बाहर सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए थे। जैसे ही लोगों को पता चला कि पूनम का प्लेन रनवे पर उतर गया है, हवाई अड्डे के बाह ढोल नगाड़े बजने लगे। खुशी में लोग झूमने लगे। जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही लोगों ने उन्हें माला-फूल से लाद दिया। पूनम खुली जीप पर तिरंगा लिए खड़ी हुईं और अपने चाहने वालों का अभिवादन कर आभार जताया। हवाईअड्डे पर पूनम के स्वागत के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी एस एस मिश्रा, विनय कुमार सिंह, कृपा शंकर तिवारी के अलावा पूनम की बहन पूजा यादव, भाई आशुतोष, अभिषेक, राधाकृष्ण संजय यादव सहित रिश्तेदार भी पहुंचे थे।