
वाराणसी. देश ही नहीं पूरी दुनिया की निगाहें लगी हैं अब से कुछ देर बाद ओडिशा के भुवनेश्वर में शुरू होने जा रहे विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता पर। मेजबान भारत 43 साल का खिताबी सूखा समाप्त करने के इरादे से कलिंगा स्टेडियम में उतरेगा। वहीं वाराणसी के हॉकी प्रेमियों की निगाह होगी तो स्थानीय स्टार ललित उपाध्याय पर। ललित होनहार खिलाड़ी हैं। सेंटर फार्वर्ड पोजीशन में उनकी उपस्थिति भारतीय टीम को नया तेवर दे रही हैं। दिवंगत मोहम्मद शाहिद के बाद फिर से बनारस का कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए खेल रहा है तो ऐसे में बनारसियों की दिल की धड़कनों का तेज होना स्वाभाविक है। बता दें कि विश्वकप में उतरने वाली इंडियन हॉकी टीम में यूपी से अकेला चेहरा है ललित उपाध्याय। वह भी बनारस का।
बता दें कि ललित उपाध्याय शिवपुर के रहने वाले हैं। इसी साल उन्हें राष्ट्रीय हॉकी टीम में चुना गया है। अब वह फारवर्ड लाइन में आकाशदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, जूनियर विश्वकप के मनदीप सिंह और सिमरनजीत सिंह के साथ ललित उपाध्याय की मौजूदगी टीम को नई धार दे रही है। हॉकी प्रेमियों की निगाहें भी ललित के खेल पर हैं। वो भी देखना चाहते हैं कि अपना ललित किस तरह से खेलता है। यहां बता दें कि अब तक मोहम्मद शाहिद के अलावा स्व विवेक सिंह, राहुल सिंह जैसे धुरंधर भी वाराणसी ने ही दिए हैं इंडियन हॉकी टीम को।
बता दें कि भारत को टूर्नामेंट के पूल सी में बेल्जियम, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है। भारत का पहला मुकाबला बुधवार को दक्षिण अफ्रीका से होगा। भारत को घरेलू दर्शकों के अपार सहयोग से यह मुकाबले जीतने में ज्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मेजबान भारत विश्व कप का खिताब जीतने वाले पांच देशों में शामिल है और उसने अपना एकमात्र खिताब 1975 में जीता था लेकिन उसके बाद से भारत कभी सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाया। भारत ने 1971 में पहले विश्व कप में तीसरा, 1973 में दूसरे विश्व कप में दूसरा और 1975 में तीसरे विश्व कप में पहला स्थान हासिल किया था। भारत का यही आखिरी विश्व खिताब था।
विश्व कप जीतने वाले चार अन्य देशों में पाकिस्तान (4 बार), हॉलैंड (3 बार), ऑस्ट्रेलिया (3 बार) और जर्मनी (2 बार) शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया पिछले दो बार का चैंपियन है और वह खिताबी हैट्रिक बनाने के इरादे से उतरेगा।