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Foreigners Tourists in Varanasi: काशी और आसपास के जनपदों की संस्कृति से रूबरू होने के लिए 30 विदेशी पर्यटक क्रूज में सवार होकर 15 सितंबर को वाराणसी पहुंचेंगे। कोलकाता से 26 अगस्त को इस क्रूज को रवाना किया गया है, जो वाराणसी के रामनगर मल्टी मॉडल टर्मिनल पर पहुंचेगा। 20 दिनों की इस यात्रा में शामिल होने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों के पर्यटक क्रूज पर सवार हैं। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को वाराणसी, मिर्जापुर, चुनार व गाजीपुर के पर्यटन स्थल व हेरीटेज साइट्स का भ्रमण कराया जाएगा।
पूर्वांचल के 4 जिलों की संस्कृति से रूबरू होने के लिए 30 विदेशी पर्यटकों का एक दल 15 सितंबर को काशी के रामनगर मल्टी मॉडल टर्मिनल पर पहुंचेगा। यहां से सभी मेहमानों को विभिन्न पर्यटन स्थल का भ्रमण कराया जाएगा। दरअसल, कोलकाता से वाराणसी तक भारतीय जलमार्ग परिवहन की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित किया गया है और इसी राजमार्ग से क्रूज वाराणसी आ रहा है। बता दें कि कोलकाता से वाराणसी की दूरी लगभग 1130 किलोमीटर है। यह क्रूज करीब 20 दिनों में वाराणसी पहुंचेगा। पर्यटकों को गंगा के किनारे ऐतिहासिक धरोहरों का भ्रमण कराया जाएगा। वाराणसी स्थित सारनाथ समेत सभी ऐतिहासिक धरोहरों और काशी की संस्कृति से विदेशी मेहमान रूबरू होंगे। इसके बाद सभी मेहमान मिर्जापुर और चुनार जाएंगे।
इस क्रूज में सवार होने वाले प्रति व्यक्ति के लिए सफर का किराया 1440 से 3840 डॉलर रखा गया है। यदि रुपए में बात करें तो 1.36 लाख से 3.62 लाख रुपए तक इसका किराया है। इसमें में डेक और अप्पर डेक पर सिंगल व डबल बैडरूम के हिसाब से किराया का निर्धारण किया गया है। यह क्रूज एमवी राजमहल है जो 26 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीन मंजिला क्रूज है, जो करीब 55 मीटर लंबा है। हुगली और गंगा नदी में मुख्य रूप से इसका संचालन किया जाता है। इसमें 22 केबिन बने हैं। 18 डबल केबिन और चार सिंगल केबिन भी बनाया गया है। सभी कमरों में कांच की खिड़कियां है और फ्रेंच बालकनी दी गई है। क्रूज पर हॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रम की भी व्यवस्था की गई है।
वाराणसी पहुंचने वाले पर्यटकों को सबसे पहले वाराणसी का भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद वह मिर्जापुर वा गाजीपुर पहुंचेंगे और ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन करेंगे। वहीं, वापस वाराणसी आने के बाद वे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचेंगे और यहां से अपने-अपने देश के लिए रवाना हो जाएंगे। वहीं, खाली हुआ क्रूज 23 सितंबर को वापस कोलकाता के लिए रवाना हो जाएगा। इस यात्रा के दौरान पर्यटक गाजीपुर, बक्सर, पटना, फरक्का और साहिबगंज जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल का भी अवलोकन करेंगे।
Updated on:
05 Sept 2026 05:30 pm
Published on:
05 Sept 2026 05:29 pm
