काशी से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के डीएम का उदाहरण दिया था और बताया था कि जिलाधिकारी का बेटा एक सरकारी स्कूल में पड़ता है। इसी से प्रेरित होकर एक सरकारी शिक्षक ने अपने बेटे का नामांकन भी सरकारी स्कूल में कराया है...
वाराणसी: बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की थी और इस दौरान उन्होंने सरकारी स्कूल की व्यवस्था और सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया था। उनकी बातों से प्रेरित होकर पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के एक लेक्चरर ने अपने बेटे का एडमिशन राजकीय कॉलेज में कराया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि राजकीय कॉलेज में कॉन्वेंट स्कूलों से बेहतर शिक्षा मिलती है।
राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के अंग्रेजी के प्रवक्ता दिनेश सरोज ने अपने बेटे का दाखिला 11वीं कक्षा में राजकीय कॉलेज में कराया है। आलोक सरोज नामक यह छात्र 11वीं कक्षा में अंग्रेजी माध्यम से अब पढ़ाई करेगा। इस बारे में कॉलेज के लेक्चरर दिनेश सरोज ने बताया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बातों से प्रभावित हुए हैं और उनका मानना है कि जब बाकी के छात्र यहां से बेहतर शिक्षा हासिल कर सकते हैं, तो उनका बेटा ऐसा क्यों नहीं कर सकता।
उन्होंने अन्य सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे सभी अपने बच्चों का नामांकन राजकीय स्कूलों और कॉलेज में कराएं। उन्होंने बताया कि राजकीय स्कूल व कॉलेज की शिक्षा कॉन्वेंट और प्राइवेट संस्थान की अपेक्षा कहीं ज्यादा बेहतर होती है। यहां के शिक्षक कई प्रकार की चयन प्रक्रिया को पार करते हुए इस ओहदे तक पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज से पढ़े हुए छात्र आज देश के सर्वोच्च संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मुंशी प्रेमचंद भी राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के छात्र थे, जो आगे चलकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हुए।
दिनेश सरोज ने बताया कि राजकीय विद्यालयों का खर्च प्राइवेट संस्थानों से कहीं कम है। इसके साथ ही पढ़ाई जाने वाली पाठ्य पुस्तक भी सस्ते दामों पर उपलब्ध होती हैं। यही नहीं, यहां के शिक्षकों दक्षता और पढ़ाने की गुणवत्ता प्राइवेट संस्थानों से कहीं ज्यादा बेहतर है। यही वजह है कि उन्होंने अपने बेटे का नामांकन इस विद्यालय में कराने का सोचा।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछली बार वाराणसी में अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान दौरे के दूसरे दिन उन्होंने शिवपुर स्थित राजकीय स्कूल से स्कूल चलो अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के दौरान उन्होंने सरकारी स्कूल की व्यवस्था, शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर भी जोर दिया था। इसके साथ ही सीएम योगी ने चित्रकूट के डीएम का उदाहरण दिया और बताया कि जिलाधिकारी का बेटा एक राजकीय स्कूल में पढ़ाई करता है। इसी बात से प्रेरित होकर लेक्चरर दिनेश सरोज ने अपने बेटे का नामांकन एक राजकीय कॉलेज में कराया है।