वाराणसी

गंगा नदी में डूबने से किशोर की मौत, बिहार से दोस्तों संग काशी आया था, दर्शन-पूजन का था प्लान

बिहार के रोहतास जिले से काशी आया एक युवक गंगा नदी में स्नान के दौरान डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है की नदी में उसे गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और वह डूब गया। मौके पर पहुंची एनडीआरएफ ने शव को बाहर निकाला। फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है...

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Mar 25, 2026

वाराणसी: कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित पंचगंगा घाट पर बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां गंगा नदी में स्नान के दौरान एक किशोर की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अपने दोस्तों के साथ काशी पहुंचा था और बिहार के सासाराम जिले का रहने वाला है। किशोर को डूबता देख आसपास के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद इसकी सूचना एनडीआरएफ को दी गई।

दर्शन-पूजन करने बिहार से आया था किशोर

जानकारी के मुताबिक, बिहार के सासाराम जिले का रहने वाला सम्यक गुप्ता (16) अपने दोस्तों के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन करने और गंगा स्नान के लिए काशी पहुंचा था। बुधवार की सुबह वह पंचगंगा घाट पर दोस्तों संग स्नान कर रहा था, इसी दौरान अचानक वह गहरे पानी की ओर बढ़ गया। बताया जा रहा है कि उसे गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और देखते-देखते वह पानी में डूबने लगा। इस दौरान आसपास के लोगों और उसके दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और एनडीआरएफ को दी।

एनडीआरएफ ने बरामद किया शव

घटना की सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस दौरान करीब एक घंटे की मेहनत के बाद गोताखोरों ने नदी में डूबे सम्यक का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी है।

परिजनों को किया गया सूचित

पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा घटना के बारे में जानकारी दी गई थी। शव को गंगा नदी से बाहर निकाल लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही मृतक के परिजनों को सूचित करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गंगा नदी में स्नान के दौरान वह गहरे पानी में न जाएं, खासकर उन स्थानों पर जहां पर नदी में धार तेज होती है।

वहीं, लोगों ने मांग की है कि गंगा नदी में चेतावनी संकेत लगाया जाए। इसके साथ ही हर एक घाट पर एनडीआरएफ और जल पुलिस की तैनाती की जाए, क्योंकि काशी में गंगा नदी में स्नान करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता है। इसी वजह से नदी में डूबने से उनकी मौत हो जाती है। इससे पहले भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं।

Updated on:
25 Mar 2026 10:21 am
Published on:
25 Mar 2026 10:05 am
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