दीये के पर्व के दिन बुझ गया घर का चिराग

बीमार माता-पिता पर टूटा वज्रपात, अब कैसे चलेगा घर का खर्च 

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Oct 30, 2016
road accident
वाराणसी. हिंदुओं के प्रमुख पर्व दिवाली ने उसके घर के आंगन में भी रोशनी बिखेरी थी क्योंकि त्यौहार के चलते उसकी भी कमाई हुई थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। काल के क्रूर हाथों ने दिवाली के दिन ही बीमार माता-पिता से उनका इकलौत कमाऊ बेटा छीन लिया। सड़क हादसे में बेटे की मौत से माता-पिता विक्षिप्त से हो गए हैं।

वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में दो वाहनों की टक्कर में 18 वर्षीय सरफराज की मौत हो गई। कैंट के सदर बाजार क्षेत्र का सरफराज दिन में घर पर ही मौजूद था कि उसका पड़ोसी मित्र आया और अर्दली बाजार चलने को कहा कुछ कार्य से। सरफराज ने जाने से इंकार कर दिया था लेकिन काल के क्रूर पंजों से वह छूट नहीं सका और अनमने मन से ही स्कूटर से अपने मित्र के साथ चल दिया। नदेसर क्षेत्र में जाम के चलते सरफराज के मित्र ने गलत लेन में स्कूटर घुसा दी जो हादसे का सबब बन गया। अपनी लेन में तेज रफ्तार आ रही मैजिक आटो से स्कूटर की आमने-सामने भिंड़त हो गई जिससे सरफराज की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर घर पर पहुंची तो कोहराम मच गया। दो बेटी और एक बेटे में सबसे बड़े सरफराज की मौत ने पूरे घर की खुशियां एक पल में छीन ली। आननफानन में परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही सरफराज को सिपुुर्द-ए-खाक कर दिया। सरफराज के पिता मो. बबलू की आर्थिक तंगी को देखते हुए छावनी के वार्ड नंबर छह के सदस्य शाहनवाज ने आर्थिक मदद करते हुए सरफराज की अंतिम विदाई का पूरा खर्च वहन किया।
Published on:
30 Oct 2016 06:33 pm
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