लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं के निराकरण के लिए हर मंगलवार की तरह कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई हुई
विदिशा। लोगों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं के निराकरण के लिए हर मंगलवार की तरह कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई हुई। पीडि़तों की संख्या भी करीब 75 तक पहुंची। इस कक्ष में अधिकारियों की सभी कुर्सियां भरी हुई थी, लेकिन जनसुनवाई के दौरान जब एसडीएम गोपाल वर्मा ने मौजूद अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया तो 14 अधिकारी जनसुनवाई में अनुपिस्थत पाए गए। मालूम हो कि जनसुनवाई में विभाग प्रमुखों की उपिस्थति सुनिश्चित की गई है ताकि पीडि़त की समस्या को सुनकर संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी से चर्चा की जा सके, लेकिन ज्यादातर विभाग के अधिकारी अपने प्रतिनिधियों को जनसुनवाई में भेजने लगे हैं। जनसुनवाई के दौरान एसडीएम वर्मा ने मौजूद अधिकारियों से उनका परिचय पूछा तो प्रतिनिधि के रूप में कर्मचारी अधिक बैठे मिले। इन कर्मचारियों से अधिकारी के न आने का कारण पूछा तो किसी ने डायरेक्टे्ट पेशी पर जाने, किसी ने प्रेजेंटेशन देने भोपाल जाने, एक कर्मचारी बोला-साहब आफिस में है। वहीं एक अन्य कर्मचारी ने जबाव दिया उपार्जन कार्य में गए हैं। इस तरह के जबाव मिलने पर इन कर्मचारियों में से कुछ को जनसुनवाई से जाने का कह दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान विभिन्न विभाग के करीब 14 अधिकारी जनसुनवाई में मौजूद नहीं मिले उनके स्थान उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे जबकि कुल 6 अधिकारी ही जनसुनवाई में मौजूद रहे। एसडीएम गोपाल वर्मा ने बताया कि विभिन्न कारणों से अधिकारी अनुपिस्थत रहे। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अधिकारियों की मौजूदगी देखने के लिए इस तरह से किया जाता है।
------------
75 आवेदन आए, 35 का निराकरण
जनसुनवाई के दौरान कुल 75 आवेदन आए जिनमें से 35 आवेदनों का निराकरण किया गया। शेष लंबित आवेदनों पर समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर अनिल डामोर, एसडीएम वर्मा सहित डिप्टी कलेक्टर हर्षल चौधरी आदि मौजूद रहे।