लॉकडाउन का उल्लंघन: सरकारी गाडिय़ों को देख 5 लोग भागे
लटेरी. जिले में धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति एक शादी हॉल में 10-12 लोगों द्वारा मुर्गा पार्टी की जा रही थी। सूचना मिलते ही तहसीलदार मौके पर पहुंचीं। सरकारी गाडिय़ों को आता देख शादी हॉल से 5 लोग भाग खड़े हुए और 4 पकड़ा गए। इनमें से कोई भी मास्क तक नहीं लगाए था, जबकि अब प्रदेश में मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। तहसीलदार ने पुलिस को बुलवाकर सभी को थाने पहुंचाया और इन पर कार्रवाई को कहा है।
तहसीलदार सरोज परिहार ने बताया कि मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा शादी हाल में मुर्गा पार्टी की जा रही थी। हमें देखकर 5 लोग भाग गए, बाकी बचे लोगों से पूछा गया कि लॉक डाउन में भी यहां पार्टी क्यों हो रही है तो वे जवाब नहीं दे सके। धारा 144 के चलते इनकी पार्टी अवैधानिक थी। मौके पर मुर्गा और बाटियां बनती पाई गईं। शादी हॉल के दस्तावेज मांगे गए तो पता चला कि शादी हॉल का डायवर्सन भी नहीं है। इसे अवैध रूप से आदिल खान द्वारा बनवाया गया है। थाना प्रभारी को बुलवाकर मौके पर मिले लोगों को थाने भिजवाया और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने के लिए कहा गया।
इधर, पटना कंटेनमेंट एरिया पूरी तरह बंद, बाजार में भी पसरा सन्नाटा, लेकिन सर्वे टीम घूम रहीं घर-घर
विदिशा. नगर में गुरुवार की देर रात आई रिपोर्ट और शहर के ही पांच लोगों के संक्रमित होने की सूचना मिलने के बाद अलसुबह तक प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम सतर्क रही और रातोंरात स्वर्णकार कॉलोनी, मुगलटोला, पेढ़ी खाई क्षेत्र और लुहांगीपुरा को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर वहां पर बैरीकेडिंग कर दी गई। शनिवार को भी इन क्षेत्रों में आवाजही पूरी तरह से बंद थी, लेकिन सुपरवाइजरों के निर्देशन में टीमें घर-घर घूमकर लोगों की जानकारियां जुटा रहीं थीं। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले बाइक पर सिलेंडर टांग कर सुनसान सड़कों पर दौड़ते दिखाई देते हैं।
घर-घर पहुंचकर जुटा रहे जानकारी
सुबह 11 बजे लुहांगीपुरा क्षेत्र में सुपरवाइजर नवरंग तोमर, मुकेश जैन, ओपी राजपूत, भूपेन्द्र चौहान तथा कमल राठौर के साथ एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और नपाकर्मी घर-घर पहुंचकर जानकारी जुटा रहे थे। हर घर में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में होने वाली तकलीफ आदि का ब्यौरा जुटाया जा रहा था। बाहर से आने वाले लोगों की सूची भी तैयार की जा रही थी।
लोग समझने को तैयार नहीं
सवा 11 बजे बजरिया जयस्तंभ के पास बैरीकेडिंग पर चौकसी की व्यवस्था एएसआइ लालबहादुर संभाले थे। उनका कहना था कि इतना हो गया, लेकिन लोग समझने को तैयार नहीं। एक बच्चे को अस्पताल दिखाने जाना है, लेकिन मां-बाप और पीडि़त बच्चे के साथ एक और बच्चा भी बाइक पर जाएगा। लोग खुद ही मुश्किल मोल लेना चाहते हैं।
कहां जा रहे हो, क्यों जा रहे हो, वापस लौट जाओ
बड़ा बाजार क्षेत्र में 4 पुलिसकर्मी तैनात थे, वे हर निकलने वाले को टोक रहे थे, कैसे आए, कहां जा रहे हो, क्यों जा रहे हो? वाजिब कारण समझ आता तो जाने देते, वरना डंडा फटकार कर उन्हें वापस कर देते। तिलक चौक के पास पुलिसकर्मी बेवजह कुछ लोगों को उठक-बैठक लगवाते दिखाई दे रहे थे। माधवगंज और नीमताल सहित ओवरब्रिज के पास भी पुलिसकर्मी लोगों को रोकते-टोकते रहे।