जिला ओलम्पियाड परीक्षा के आखरी दिन 96 प्रतिशत बच्चों ने छात्रवृत्ति के लिए जिले के हर कोने से आकर अपना भाग्य आजमाया
विदिशा. दो दिवसीय जिला ओलम्पियाड परीक्षा के आखरी दिन 96 प्रतिशत बच्चों ने छात्रवृत्ति के लिए जिले के हर कोने से आकर अपना भाग्य आजमाया। पहले दिन प्राथमिक और माध्यमिक परीक्षा के 84 फीसदी बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि दूसरे दिन यह प्रतिशत बढ़ गया। सेंटर में अचानक बदलाव से पहले दिन बिगड़ी िस्थति का असर दूसरे दिन नहीं दिखा। एक ही सेंटर एमएलबी हायर सेकंडरी स्कूल में बच्चों को पहुंचना था, इसलिए व्यवस्थाएं बिग़ड़ नहीं पाईं। समय से बच्चों को परीक्षा कक्ष में पहुंचाया गया, भोजन और पानी भी दिया और अगले पेपर के लिए रुकने को हाॅल में जगह भी मिली।
जिला पंचायत सीईओ योगेश भरसट, राज्य शिक्षा केंद्र के अंजनी कुमार त्रिपाठी, डीपीसी एसपी जाटव और एमएलबी प्राचार्य लिली जैन समेत शिक्षा विभाग का स्टॉफ परीक्षा की व्यवस्थाओं पर नजर रखे रहा।डीपीसी जाटव ने बताया कि शुक्रवार को पहले पेपर में 93.95 प्रतिशत और दूसरे पेपर में 96.80 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपिस्थति रही। पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। जिस समय बच्चों का पेपर था, उस समय उन्हें कक्ष में पहुंचाया गया, लेकिन इसके पहले उन्हें शिक्षकों की मौजूदगी में अलग बैठने के लिए इंतजाम किए गए थे। परीक्षा के बाद शाम को सभी बच्चे अपनी-अपनी तय बसों से वापस अपने घरों को लौट गए। शुक्रवार को सिरोंज-लटेरी क्षेत्र के कई बच्चों के अभिभावक भी उनके साथ आए। कई बच्चों को बस में उल्टियां होने से वे परीक्षा केंद्र तक असामान्य बने रहे।
लाइट कटौती से हुई परेशानी
बिजली के मेंटनेंस के लिए एमएलबी सेंटर क्षेत्र में शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली आपूर्ति का ऐलान पहले ही हो चुका था। परीक्षार्थी जब परीक्षा कक्षों में पहुंचे तो उन्हें अंधेरे का सामना करना पड़ा क्योंकि पहला पेपर सुबह 11 बजे से था। ऐसे में डीपीसी जाटव ने बिजली कंपनी के महाप्रबंधक सुनील खरे को मोबाइल पर परीक्षा और बिजली की जानकारी दी। इस पर महाप्रबंधक ने तत्काल टीम को भेजकर एमएलबी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बहाल कराई।