प्राथमिक कन्या शाला और माध्यमिक शाला दोनों का मध्यान्ह भोजन अलग-अलग कक्षों में तैयार हो रहा था, लेकिन दोनों में ही लकड़ी-कंडे सुलग रहे थे। किचिन में कहीं भी गैस सिलेंडर और गैस चूल्हा नहीं था। शासकीय कन्या प्राथमिक शाला के किचन शेड में लकड़ी वाले चूल्हे पर भोजन पक रहा था। पहले कक्ष में लकडिय़ां-कंडे भरे थे। यहां लक्ष्मीबाई स्वसहायता समूह खाना बनाता है। रसोई की व्यवस्था संभालने वाली रामेत्रीबाई ने बताया कि हमें कोई गैस चूल्हा या सिलेंडर नहीं दिया गया। मिलता तो उसी पर बनाते खाना। स्कूल प्रभारी मुन्नीलाल कुशवाह ने बताया कि इस स्कूल में कोई गैस कनेक्शन नहीं है। इसी परिसर में शासकीय माध्यमिक शाला के एक कक्ष में भी लकड़ी वाले चूल्हे में खाना बन रहा था। खाना बनाने वाली सुधारानी, कृष्णा और कमला बाई ने बताया कि रोटियां तो चूल्हे पर ही बनाते हैं। गैस स्कूल भवन में रखा है। वहां सिर्फ सब्जी बनती है।