
लेफ्ट साइड सिक्किम में लैंडस्लाइड की तस्वीर। राइट साइड में नेपाल में नई बाढ़ का मंजर (सोर्स- एक्स यूजर /@Aprajita Nafs Nefes)
Nepal flood Update: उत्तर भारत समेत कई राज्यों में मानसून की सक्रियता से भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। बीते 24 घंटों में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश व तमिलनाडु में 4 से 5 इंच तक बहुत भारी बारिश तथा हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में भी 3 से 4 इंच तक भारी बारिश दर्ज हुई। रविवार को सिक्किम के नगा फॉरेस्ट इलाके में लैंडस्लाइड के बाद तीस्ता और च्याकोऊंग नदियों का बहाव रुक गया। इससे नदियों का पानी दूसरी ओर फैलने का खतरा बढ़ गया है।
इधर उत्तर प्रदेश के 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रयागराज में घाट डूबने से अन्तिम संस्कार करने को लेकर परेशानी बढ़ गई हैं। बिहार के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। पटना के गांधी घाट पर गंगा ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 50.57 मीटर का जलस्तर छू लिया। मध्य प्रदेश में नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। बरगी, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोल दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास बने निम्न दाब क्षेत्र के कारण उत्तराखंड तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ तक बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में 7 सितंबर और 10-12 सितंबर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7-8 सितंबर को व्यापक बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।
नेपाल में भारी बाढ़ की तबाही के बीच रविवार सुबह गोरखा जिले में थेरांग नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इससे 4 घर और एक सस्पेंशन ब्रिज बह गए। प्रशासन ने बूढ़ीगंडकी नदी बेसिन में अलर्ट जारी किया है। पुलिस के अनुसार लोगों ने समय रहते घर छोड़ दिए, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ। जबकि 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1,344 शव मिल चुके हैं, लेकिन करीब 5,000 लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़-आपदा से नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 400 अरब नेपाली रुपए का माना गया है। अब तक 13,101 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बाढ़ का असर पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। सितंबर-नवंबर के पीक सीजन में होटल और ट्रैवल कंपनियों की बुकिंग रद्द होने लगी हैं। पर्यटन को बचाने के लिए सरकार ने नेपाल कॉलिंग कैंपेन शुरू किया है, जिसमें बताया गया है कि काठमांडू, पोखरा, चितवन जैसे प्रमुख स्थल सुरक्षित और खुले हैं। नेपाल पुलिस ने चेतावनी दी है कि बाढ़ में मिले कीमती सामान को अपने पास न रखें। यूएइ की टीम भी रसुवा में रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है। राहत कार्यों के लिए अगले 6 महीने में 8 अरब रुपए की जरूरत बताई गई है।
सिंगापुर के गृह मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री के. शनमुगम ने भारत और भारतीयों को निशाना बनाने वाली नस्लभेदी ऑनलाइन टिप्पणियों की तीखी निंदा की है। उन्होंने इन्हें शर्मनाक, भद्दी और पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। ये टिप्पणियां नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और आपदा के संदर्भ में सोशल मीडिया पर की गई थीं। कुछ पोस्ट्स में लापता सिंगापुर नागरिकों के बारे में नस्लीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसमें भारतीयों को निशाना बनाया गया। मंत्री ने कहा कि मीडिया को कई भद्दी टिप्पणियां हटानी पड़ीं। शनमुगम ने बताया कि पुलिस इन टिप्पणियों की जांच कर रही है।
Updated on:
6 Sep 2026, 10:39 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 10:39 PM IST
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