
अभिजीत दीपके और राम मंदिर ट्रस्ट के CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (फोटो - एएनआई)
Abhijeet Dipke: राम मंदिर ट्रस्ट के CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर एक फर्जी वीडियो शेयर करने को लेकर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके विवादों में घिर गए। दीपके ने एक्स पर एक पोस्ट को शेयर किया था। इसमें एक व्यक्ति फिल्मी गाने ‘जमाल कुडू’ पर डांस करता नजर आ रहा था। पोस्ट में दावा किया गया था कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा है। बाद में यह दावा गलत निकला। इसके बाद दीपके ने सफाई जारी की।
दीपके ने जिस पोस्ट को शेयर किया था, उसमें वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बताया गया था। दीपके ने पोस्ट शेयर करते हुए धार्मिक मुद्दों और निजी जिंदगी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी में वह क्या करता है इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उनका सवाल इस बात को लेकर था कि किसी व्यक्ति के पद और पहचान के आधार पर एक ही चीज को अलग-अलग नजरिए से क्यों देखा जाता है।
हालांकि, बाद में सामने आया कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं हैं। जिस पोस्ट को दीपके ने शेयर किया था, उसे भी बाद में हटा दिया गया।
गलत दावे वाले वीडियो को शेयर करने के बाद दीपके को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स ने उनसे सवाल किए। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट के जरिए मामले पर सफाई दी। दीपके ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति जितेंद्र मिश्रा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकसद किसी व्यक्ति की निजी पसंद पर सवाल उठाना नहीं था। उनके मुताबिक, उनका मुद्दा इस बात को लेकर था कि किसी व्यक्ति के बारे में किसी चीज को उसकी पहचान और पद के आधार पर अलग नजरिए से क्यों देखा जाता है।
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया था। यह ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर के प्रबंधन और संचालन से जुड़ा है। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवा दे चुके हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड की कमान संभाली थी। उन्हें कई सैन्य सम्मान भी मिल चुके हैं।
CEO बनने के बाद अयोध्या के अपने पहले दौरे पर उन्होंने मंदिर की व्यवस्था और कामकाज को समझने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि इसके बाद आगे की योजनाएं तैयार की जाएंगी। इस पूरे विवाद के बीच मुख्य सवाल अब उस वीडियो की गलत पहचान को लेकर है। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उसके नाम से वीडियो साझा करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
Updated on:
06 Sept 2026 09:50 pm
Published on:
06 Sept 2026 09:38 pm
