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JSSC CGL पेपर लीक मामले में एक और सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार, CID ने कुंदन कुमार को दबोचा

JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID ने सफल अभ्यर्थी कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया है। उस पर पेपर लीक गिरोह को पैसे देने का आरोप है।
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रांची

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Rahul Yadav

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Updated: 6 Sep 2026, 10:01 PM IST

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JSSC CGL पेपर लीक मामले में एक और सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार (फोटो - एआई जनरेटेड)

JSSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता के मामले में सीआईडी की जांच जारी है। रविवार को अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष जांच टीम ने एक और सफल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान कुंदन कुमार के रूप में हुई है।

पेपर लीक गिरोह को पैसे देने का आरोप

कुंदन कुमार पर आरोप है कि उसने पेपर लीक गिरोह को पैसे दिए थे। वह मूल रूप से पलामू जिले के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डुमरी गांव का रहने वाला है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुंदन कुमार संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में सफल हुआ था। वह फिलहाल गुमला जिले के सिसई में पदस्थापित था। सीआईडी अब मामले में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।

गिरोह ने परीक्षा से पहले दिए थे जवाब

सीआईडी की विशेष जांच टीम को मिले साक्ष्यों के मुताबिक, पेपर लीक गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर आईसीएन एजेंसी के मिथिलेश सिंह से प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इसके बाद गिरोह ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा से पहले उन्हें प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए थे। कुंदन कुमार पर भी इसी गिरोह को पैसे देने का आरोप है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक मामले में उसकी भूमिका कितनी थी।

125 से ज्यादा अभ्यर्थी जांच के दायरे में

सीआईडी के अनुसार, अब तक 125 से ज्यादा अभ्यर्थी जांच के दायरे में आ चुके हैं। इनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। जांच में 28 ऐसे अभ्यर्थियों का भी जिक्र सामने आया है, जिन्हें परीक्षा से पहले गिरोह के सदस्यों द्वारा नेपाल ले जाने का आरोप है। वहां उन्हें बैठाकर प्रश्नों के उत्तर याद करवाए गए थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरोह के माध्यम से अभ्यर्थियों को कुल 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। इनमें से 120 प्रश्न कथित तौर पर मुख्य परीक्षा में हूबहू पूछे गए थे।

मोबाइल और बैंक खातों की भी जांच

सीआईडी संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों और गिरफ्तार व नामजद आरोपियों के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही उनके कॉल विवरण और बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन को भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी अभ्यर्थी का पेपर लीक करने वाले गिरोह से संपर्क या परीक्षा में फर्जीवाड़े में शामिल होना साबित होता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे अभ्यर्थी जो नौकरी में चयनित हो चुके हैं उनकी नियुक्ति भी जांच के निष्कर्ष के आधार पर प्रभावित हो सकती है।