रेस्क्यू कर तीन घंटे बाद मिला शव
लटेरी. ब्लॉक मुख्यालय से 8 किमी. दूर ग्राम वानर सेना के कंचनघेरा की पुलिया पर बाइक सवार पिता-पुत्र पुलिया पार करते समय बीती रात पानी के तेज बहाव में बह गए। पुत्र तो जैसे-तैसे तैरकर बाहर आ गया, लेकिन पिता की पानी में डूबने से मौत हो गई। तीन घंटे की मशक्कत के बाद पिता का शव पानी से बाहर निकाला जा सका।
थाना प्रभारी नितिन पटले ने बताया कि रायपुरा टपरा निवासी गोलू (17), उसके पिता फेरनसिंह (48) कंचनघेरा बैल छोडऩे मंगलवार को गए थे और बाइक से रात 9 बजे घर लौट रहे थे। इस दौरान बारिश होने से नदी उफान पर थी। पुलिया पर पानी होने के बावजूद गोलू ने बाइक उसमें डाल दी और जैसे ही बाइक बही, तो वे दोनों भी बह गए। इस दौरान गोलू ने पुलिया की मुंडेर पकड़ ली और तैरकर जैसे-तैसे बाहर आ गया, लेकिन फेरनसिंह पानी के तेज बहाव में बह गए।
घटना की जानकारी लगते ही लटेरी एसडीएम ब्रजेन्द्र यादव, एसडीओपी बीएस सिसोदिया, थाना प्रभारी नितिन पटले सहित लटेरी में तैनात होमगार्ड की डीआरसी, डिजास्टर रिस्पांस सेंटर टीम और लटेरी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और फेरनसिंह को ढूंढने के लिए रेस्क्यू प्रारंभ किया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका, जो घटनास्थल से करीब चार किमी दूर रात 12 बजे मिला। अस्पताल में फेरनसिंह का पीएम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। होमगार्ड मुख्यालय के कंपनी कमांडर शशिधर पिल्लई से एसडीएम लटेरी की चर्चा के बाद होमगार्ड मुख्यालय में तैनात क्विक रिस्पांस टीम विदिशा से घटनास्थल के लिए पीसीबी महेंद्र सिंह जाट के नेतृत्व में मोटरबोट व सभी सामान के साथ रवाना कर दी गई थी। इस दौरान डीआरसी लटेरी द्वारा शव बरामद करने की सूचना मिलने पर उक्त टीम को वापस जिला मुख्यालय बुला लिया गया। उक्त होमगार्ड की डीआरसी टीम में टीम प्रभारी सैनिक भैयालाल, प्रीतम सिंह, देवेंद्र सिंह और जीतेंद्र सिंह सहित रामदयाल के द्वारा रात्रि में किए गए इस रेस्क्यू मे सराहनीय योगदान रहा।