फर्श पर बैठकर दोनों पैरों से निशक्त फरियादी की जनसुनवाई करते डिप्टी कलेक्टर।
विदिशा। अक्सर होता यह है कि निशक्तजन भी अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के पास जैसे-तैसे घिसटते हुए और दूसरों के सहारे पहुंचते हैं। यह भी जरूरी नहीं कि ऐसे लोगों की भी हमेशा सुनवाई हो जाए और अधिकारी उनसे ठीक से बात कर लें। लेकिन संवेदनहीनता के दौर में विदिशा ने एक राहत भरी खबर दी है। विदिशा में नए आए डिप्टी कलेक्टर लोकेन्द्र सरल मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में होने वाली जनसुनवाई में मौजूद थे।
जब उन्हें मालूम हुआ कि दोनों पैरों से निशक्त एक फरियादी घिसटता हुआ जनसुनवाई कक्ष में आ रहा है तो वे तत्काल उठे और बोले कि उसे वहीं रोक दीजिए, हम खुद उसके पास चले जाएंगे। वे जिला पंचायत की गैलरी में पहुंचे और निशक्त के पास फर्श पर ही बैठकर उसकी सुनवाई की। युवा डिप्टी कलेक्टर की इस संवेदनशीलता और सरलता को वहां मौजूद फरियादी और कर्मचारी भी देखते रह गए। डिप्टी कलेक्टर सरल ने बताया कि निशक्त कब्जे से संबंधित शिकायत लेकर आया था, जिसके निराकरण के लिए कार्रवाई की गई है। एसपी को भी कार्रवाई के लिए कलेक्टर ने लिखा है।
कलेक्टर को इतना सहज देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने उनकी तारीफ की और बताया कि पहली बार हमने देखा कि कोई इतना बड़ा आदमी किसी छोटे इंसान से इस तरह मिला और फरियाद सुनी। फरियादी भी कलेक्टर के इस तरह के बर्ताव से बहुत खुश हुआ। उसने कहा आज तक हमें कोई भी ऐसा इंसान नहीं मिला, जो इस तरह अपनी कुर्सी छोड़कर आएं और हमसे इस तरह बात करें। फरियादी ने कलेक्टर साहब की तारीफ करते हुए कई सारी दुआएं दी। साथ ही कहा कि वे अपने जीवन में बहुत आगे जाएंगे। जब कलेक्टर ने अपने घुटने पर बैठकर फरियादी की फरियाद सुनी, तब हमारे फोटोग्राफर ने इस नजारे को अपने कैमरे में कैद किया। ताकि यह सभी लोगों के लिए एक मिसाल बन सके।