
Nepal Flood Tragedy : नेपाल त्रासदी में लापता हुईं स्वाती बागरेचा का विदिशावासी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उनकी सलामती के लिए दुआ भी की जा रही है। विदिशा के सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केसी बागरेचा की छोटी बेटी स्वाती, पेशे से इंजीनियर हैं और शादी के बाद कनाडा में बस गई थीं। वे ईशा फाउंंडेशन के 77 सदस्यीय समूह के साथ तीर्थयात्रा के लिए निकली थीं। भारत आते ही स्वाती बागरेचा ने अपनी बेटी को विदिशा में परिजनों के पास छोड़ा और इसके बाद यात्रा के लिए रवाना हो गईं। 5 दिन से मां से कोई संपर्क नहीं होने से बेटी परेशान जरूर है पर उसे पूरी उम्मीद है कि वे जल्द वापस लौटेंगी।
50 वर्षीय स्वाती बागरेचा 14 अगस्त को काठमांडू पहुंचीं थीं। दो दिन के बाद वहां से मानसरोवर के लिए रवाना हो गईं। वहां भी समूह के सभी लोगों ने दो दिन बिताए। मानसरोवर की यात्रा खत्म होने के बाद वे वापस लौटने की तैयारी कर रहीं थीं।
बहन डॉ. स्मिता बागरेचा ने बताया कि दुर्गम इलाके और कनेक्टिविटी की समस्या के कारण फोन पर सीधे बात करना कठिन था इसलिए स्वाती, पूरी यात्रा के दौरान व्हाट्सएप के माध्यम से परिवार से संपर्क करती रहीं। उसे 26 अगस्त को फ्लाइट पकड़नी थी। स्वाती ने मैसेज कर उन्हें बताया कि आव्रजन की प्रक्रिया चल रही है और समूह जल्द ही नेपाल पहुंचने वाला है। उन्होंने अगली सुबह उड़ान से नेपाल पहुंचने के बाद ही व्हाट्सएप करने की भी बात कही थी।
पिता डॉ. केसी बागरेचा ने बताया कि " स्वाती ने आव्रजन प्रक्रिया चलने और जल्द ही नेपाल पहुंच जाने का मैसेज किया था। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया। नेपाल में आई त्रासदी के कारण 5 दिनों से पूरा परिवार स्वाती के लिए परेशान है लेकिन सभी उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आशान्वित हैं। स्वाती की 13 साल की बेटी ने भी अपना हौसला नहीं खोया है। वे पूरी दृढ़ता से अपनी मां के जल्द लौट आने की बात कह रही हैं।
स्वाती बागरेचा की तलाश के लिए परिवार ने भारतीय, नेपाली और कनाडाई दूतावासों से संपर्क किया है और सरकारी एवं प्रशासनिक माध्यमों से सहायता मांगी है। विदिशा से भाजपा विधायक मुकेश टंडन के साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी परिवार से मुलाकात कर स्वाती को ढूंढने का हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दे चुके हैं।