विदिशा

भोपाल के अंसारी ने सुपारी देकर प्रेमिका के भाई की हत्या कराई

कनपटी के आरपार हो गई थी गोली, भोपाल के ही तीनों आरोपी गिरफ्तार
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Mar 02, 2022
भोपाल के अंसारी ने सुपारी देकर प्रेमिका के भाई की हत्या कराई
भोपाल के अंसारी ने सुपारी देकर प्रेमिका के भाई की हत्या कराई

विदिशा. शमशाबाद क्षेत्र में डबरी नहर पुलिया के पास 24 फरवरी को भोपाल के छोला क्षेत्र निवासी राजू राजपूत का शव और उसके ही 3 किमी दूर उसका लोडिंग ऑटो मिलने से सनसनी फैल गई थी। कारण यह भी बड़ा था क्योंकि मृतक की कनपटी में गोली के निशान थे, जो आरपार हो गई थी। मामला अंधेकत्ल का था। लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा था। लेकिन जब पूरी पड़ताल हुई तो भोपाल के फर्नीचर व्यापारी आसिफ अंसारी का नाम सामने आया, जिसका मृतक की बहन से प्रेम संबंध था और वह उससे विवाह करना चाहता था, लेकिन जब इस मामले में राजू बाधा बना तो आसिफ ने भोपाल के ही दो लोगों को 5 लाख रुपए की सुपारी देकर उसे अपने रास्ते से हटाने का भयानक निर्णय लिया था। उसी मुताबिक भोपाल के दो लोगों ने राजू की हत्या कर दी।
नहर के पास राजू का शव और थोड़ी दूर उसका लोडिंग ऑटो मिलने पर पड़ताल हुई तो पता चला कि भोपाल निवासी राजू राजपूत करोंद मंडी से फल लाकर सिरोंज की मंडी में बेचा करता था। जब पुलिस ने हर पहलू से हत्या की पड़ताल शुरू की तो कुछ ऑटो के फिंगर प्रिंट मिले, डॉग स्कॉड ने भी निरीक्षण किया। इसी दौरान पुलिस को राजू के लोडिंग ऑटो से दो टोपियां मिलीं। पता चला कि राजू 23 फरवरी को करोंद से फल लेकर सिरोंज गया था। इसी आधार पर पुलिस ने करोंद और सिरोंज मंडी के व्यापारियों, हम्मालों तथा अन्य लोगों से पूछताछ की। इस पर फोटो के तलाशे गए और फिर ऑटो पर मिले फिंगर प्रिंट का मिलान हुआ तो एक आरोपी इंद्रा कॉलोनी ऐशबाग थाना क्षेत्र निवासी 29 वर्षीय फरहान पर शक गया। फरहान के घर पुलिस ने छापा मारा तो वह नदारद मिला। इससे शक और पुख्ता हो गया। लेकिन वह थोड़ी ही देर बाद पकड़ा गया। फरहान ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया और छोला मंदिर के पास रहने वाले 41 वर्षीय शाकिर उर्फ भूरा के साथ मिलकर राजू की हत्या कुबूल की। पुलिस अधीक्षक डॉ मोनिका शुक्ला ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने जिस तरह बताया उस अनुसार ऐशबाग भोपाल क्षेत्र के निवासी 24 वर्षीय आसिफ अंसारी ने राजू की हत्या के लिए इन दोनों को सुपारी दी थी। दरअसल आसिफ और राजू की बहन के बीच प्रेम संबंध है और आसिफ उससे शादी करना चाहता है। लेकिन शायद राजू इस रिश्ते के लिए राजी नहीं था और वह बाधा बन रहा था। इसीलिए आसिफ ने उसे अपने रास्ते से हटाने का निर्णय लिया था। एसपी डॉ शुक्ला बताती हैं कि आरोपी फरहान पर पहले से 25 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जब आसिफ से इन्हें सुपारी मिली तो इन्होंने राजू से संपर्क बढ़ाया और सिरोंज के एक मदरसे में संतरे बांटने के लिए ले चलने को कहा। लोडिंग ऑटो में शाकिर आगे राजू के साथ बैठा था और पीछे फरहान। दोनों ने टोपी लगा रखीं थीं। सिरोंज के मदरसे में इन्होंने संतरे बांटे और वापस हो लिए। डबरी नहर की पुलिया के पास आरोपियों ने किसी काम से नीचे उतरने का कहकर राजू की कनपटी पर गोली चला दी, जो आरपार हो गई और वे उसे वहीं छोडकऱ भाग गए। आरोपियों के घटना के बारे में कुबूल करने के बाद हत्या में उपयेाग किया गया कट्टा भी बरामद कर लिया गया। यह भी पता चला है कि आसिफ अंसारी ने इस मामले में फरहान की पत्नी और मृतक राजू की बहन के खातों में कुछ राशि जमा की है। इसकी पड़ताल की जा रही है। पूरी घटना का खुलासा हो जाने के बाद पुलिस ने फरहान, शाकिर और आसिफ अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी डॉ शुक्ला बताती हैं कि इस मामले को सनसनीखेज मामले के रूप में चिन्हित किया गया है, पूरे प्रकरण को तत्परता से सुलझाने वाली टीम में शामिल सभी सदस्यों को दस हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की गई है। इस घटना में एसडीओपी बासौदा भारतभूषण शर्मा, आरपी रावत, उप निरीक्षक गौरव रघुवंशी, प्रकाश भिलाला, मिथुन ठाकुर, मनोज यादव, गजराज दुबे, भगवान सिंह, दीपक भानेरिया ने सीसीटीवी फुटेज, ऑटो चालकों, फल व्यापारियों आदि से जानकारी जुटाई और आरोपियों की फरहान तथा शाकिर के रूप में शिनाख्त की। उपनिरीक्षक योगेंद्र साहू ने फरहान के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी जुटाई। प्रधान आरक्षक पवन जैन, प्रियंका शर्मा ने तकनीकी सहयोग देकर आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद की। विदिशा पुलिस और क्राइम ब्रांच भोपाल के उपनिरीक्षक सुबोध गौतम की टीम की सहायता से आरोपी पकड़े जा सके।

Published on:
02 Mar 2022 08:18 pm