
पीएम आवास योजना, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
vidisha news: गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती कीमत पर पक्का घर उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही पीएम आवास योजना में कई आवेदकों के नामों को निरस्त किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विदिशा में नगरपालिका कुरवाई के वार्ड क्रमांक दो निवासी राम किशोर का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयनित हितग्राहियों की सूची में करीब एक वर्ष पहले शामिल हो गया था, लेकिन अब तक राशि नहीं मिली। उन्होंने नगरपालिका से इस संबंध में जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि उनका आवंटन निरस्त हो गया है।
वजह, उनका प्लॉट अवैध कॉलोनी में है। राम किशोर केवल अकेले ऐसे आवेदक नहीं है, जिनको योजना से वंचित होना पड़ रहा है। उनके जैसे करीब एक हजार आवेदक योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। शासन स्तर से जारी आदेश के अनुपालन में ऐसे आवेदकों का नाम निरस्त किया जा रहा रहा है। जिनका नाम पूर्व में सर्वे के आधार पर स्वीकृत आवेदकों की सूची में शामिल कर लिया गया था।
आदेश के अनुसार ऐसे आवेदकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा, जिनका प्लॉट यानी जमीन अवैध कॉलोनी में है। पूर्व में चयनित आवेदकों का नाम भी निरस्त किया जा रहा है। अब तक चिह्नित आवेदकों का नाम निरस्त करने के बाद नगरीय निकायों में इसको लेकर दोबारा सर्वे कराने की योजना बनाई गई है। फिलहाल इसको लेकर उन हितग्राहियों में आक्रोश पनप रहा है, जिनका आवेदन स्वीकृत होने के बाद निरस्त किया जा रहा है। नगरपालिका विदिशा की आवास प्रभारी अलका डोंगरे का कहना है कि शासन व प्रशासन की ओर से जारी आदेश के तहत ही पात्रता परीक्षण कर आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि जिले के सभी छह नगरीय निकायों में करीब एक हजार आवेदनों को निरस्त किए जाने की जानकारी मिल रही हैं। सबसे अधिक कुरवाई नगरपरिषद में करीब साढ़े तीन सौ और सबसे कम करीब 30 आवेदन विदिशा नगरपालिका में शामिल हैं। बता दें कि वर्ष 2016 तक की अवैध कॉलोनियों को वैध कर दिया गया है। इसलिए ऐसी कॉलोनियों के आवेदक संबंधित आदेश से प्रभावित नहीं हैं।
अवैध कॉलोनियों के रहवासियों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिलेगा, इससे संबंधित आदेश जारी हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है। यह बात और है कि वर्ष 2025-26 में ही बड़ी संख्या में ऐसे आवेदकों को योजनाओं का लाभ मिला है, जिनकी जमीन अवैध कॉलोनियों में ही है। कुरवाई के राम किशोर इन हितग्राहियों का हवाला देते हुए उन्हें सूची से बाहर किए जाने का विरोध दर्ज कर रहे हैं।
Updated on:
08 Oct 2026 02:36 pm
Published on:
08 Oct 2026 02:36 pm
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