
MP Water Crisis: जीतू पटवारी ने सीएम को लिखा पत्र, जताई चिंता (फोटो सोर्स- Patrika)
Jitu Patwari Letter: कम बारिश के चलते मध्य प्रदेश के कई जिलों में सूखे जैसे हालत (MP Water Crisis) बन रहे है। रिपोर्ट्स के अनुआर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मालवा-निमाड़ और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में पानी और सूखे का डर मंडरा रहा है। बारिश न होने की वजह से किसान परेशान है। इसी मामले को लेकर सोमवार सुबह एमपी कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विदिशा जिले में जल संकट को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पत्र की कॉपी को सोशल मीडिया पर साझा कर उन्होंने भाजपा सरकार और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान पर भी निशाना साधा।
पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि सरकार साल 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है लेकिन विदिशा जिले में करीब 76 हजार हेक्टेयर धान की फसल जल संकट के कारण सूखने की कगार पर है। पटवारी ने बताया कि विदिशा तहसील के गुलाबगंज, कुरवाई और शमशाबाद में सामान्य से क्रमश: 29%, 42% और 31% कम बारिश हुई है। इसी के चलते किसान हलाली बांध से नहरों के जरिए पानी छोड़ने की मांग कर रहे है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि किसानों द्वारा ज्ञापन सौंपने के बाद भी अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। पटवारी ने दावा किया कि हलाली बांध में 231.87 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध है। वर्तमान जलस्तर 459.29 मीटर है, जबकि पूर्ण जलभराव स्तर 459.61 मीटर है।
पटवारी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विदिशा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र है। इसके बाद भी किसान अपनी फसल बचाने की गुहार लगा रहे है। इसके बाद पटवारी ने तंज कस्ते हुए लिखा कि, "चर्चा है कि आपके और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज जी के बीच चल रही खींचतान का नुकसान किसानों को हो रहा है!"
हलाली बांध से प्रभावित क्षेत्रों में धान की फसल बचाने के लिए तत्काल पानी छोड़ने की तकनीकी समीक्षा कर समयबद्ध निर्णय लिया जाए।
नहरों की मरम्मत और रबी सिंचाई की जरूरतों का आकलन करते हुए वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराकर फसल नुकसान का आकलन किया जाए तथा पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा एवं राहत दी जाए।
जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर किसानों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
Updated on:
12 Oct 2026 10:46 am
Published on:
12 Oct 2026 10:46 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
