विदिशा

जब अपनी आपबीती सुनाई तो मंच पर निकल आए युवतियों के आंसू, जानिए क्यों….

अपराधियों का मुकाबला कर उन्हें जेल पहुंचाने वाली नायिकाओं का आईजी ने किया सम्मान

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Nov 16, 2017

विदिशा। पुलिस और महिलाओं के बीच दूरी कम करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा गुरुवार को शासकीय गल्र्स कॉलेज में महिला सुरक्षा जागृति एवं व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईजी जयदीप प्रसाद ने छात्राओं को कानून संबंधी जानकारी देते हुए उन्हें सशक्त होने पर जोर देने की बात कही। इस दौरान छेड़छाड़ करने वाले अपराधियों का मुकाबला कर उन्हें जेल की हवा खिलाने वाली रोल मॉडल युवती और महिलाओं ने मंच से जब अपनी आप बीती सुनाई, तो उनकी आंखों से आंसू झलक आए और पूरा परिसर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।

आईजी और एसपी विनीत कपूर ने ऐसी छह नायिकाओं का मंच से प्रमाणपत्र, 1 हजार रूपए नकद और शील्ड देकर देकर सम्मानित किया। आईजी ने कहा कि युवतियों के आंसू देखकर उनकी भी आंखे नम हो गईं। मालूम हो कि भोपाल में कुछ दिन पूर्व विदिशा की छात्रा से हुए रेप कांड के बाद पुलिस ने महिलाओं और युवतियों को सशक्त बनाने की कमर कस ली है।

इसी तारतम्य में कॉलेज और स्कूल में पुलिस द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गल्र्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 11 वीं की छात्रा शिखा साहू ने बताया कि वह अपने गांव से छह किमी दूर ग्राम वर्धा में पढऩे जाती है। इस दौरान गांव के दबंग आए दिन उसके साथ छेड़छाड़ करते थे। विरोध करने पर उसके भाई के साथ एक बार शौचालय में बंद कर मारपीट की थी। पिता सहित परिवार वालों के साथ आए दिन मारपीट कर गांव से चले जाने का कहते थे।

उनकी छेड़छाड़ की घटना बढ़ती जा रही थी। जिससे तंग आकर वे हिम्मत कर पिता के साथ एसपी विनीत कपूर के पास गईं, जहां एसपी ने पूरी बात सुनी और महिला सेल अधिकारी रजनी तिवारी से मिलवाया। उनकी मदद से आरोपी आज जेल में हैं। इतनी बात कहते-कहते उसकी आंखों से आंसू निकल आए। जिसे महिला पुलिस अफसरों ने संभाला। वहीं सरोज प्रतापति ने बताया कि उसकी सहेली का बॉयफ्रेंड उसे मोबाइल पर परेशान करता था, पुलिस की मदद से आज वह सलाखों के पीछे है।

गुंडों से डरे नहीं पुलिस की मदद ले

पुलिस की मदद से अपराधियों को जेल पहुंचाने वाली छह नायिकाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए छात्राओं से कहा कि वे किसी भी छेड़छाड़ आदि घटनाओं में डरे नहीं बल्कि पुलिस की मदद से उन्हें जेल पहुंचाएं। पुलिस हर तरह से उनकी मदद करने तैयार रहती है और गोपनीयता भी बरकरार रख्ी जाती है। इस दौरान संतोषी अहिरवार ने पति की प्रताडऩाओं की आपबीती जैसे ही सुनाना शुरु की, तो उसकी आंखों से झल-झलाकर आंसू निकल आए।

उसने बताया कि उसका पति उसके साथ आए दिन मारपीट करता था। दो बच्चों के हो जाने के बावजूद उसकी प्रताडऩा बंद नहीं हुई। इतना ही नहीं पुलिस में जाने पर जान से मारने की धमकी देता था और कहता था कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। लेकिन आखिरकार उसने हौंसला कर पुलिस से शिकायत की और आज पति जेल की सलाखों में है और वह सुखी जीवन जी रही है। इसी प्रकार आशा अहिरवार ने बताया कि उसकी शादी को 17 साल हो गए हैं और पति मारपीट करने के साथ ही कई तरह से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त करता था। दो बच्चे होने के बावजूद उसकी समस्या जस की तस रही। उसने तलाक के लिए थाना में शिकायत की, तो जान से मारने की धमकी देने लगा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पुलिस से शिकायत की और अब तलाक का केस कोर्ट में चल रहा है। कृष्णाबाई भोई और पूर्वा ने भी अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान सभी के ही लगभग आंसू मंच से निकल आए और पुलिस की मदद की सराहना की।

अधिकारी को महिला ने सबके सामने मारा चाटा

आईजी जयदीप प्रसाद ने महिलाओं की हौंसलाआफजाई के लिए एक वाक्या सुनाते हुए कहा कि एक महिला अधिकारी को अकेले में एक अधिकारी ने गलत नियत से टच कर दिया था। उस समय तो महिला ने कुछ नहीं कहा, लेकिन जब पुलिस विभाग का ही एक कार्यक्रम चल रहा था, उस दौरान उसने सबके सामने उस अधिकारी को जब चांटा मारा तो सब हक्के-बक्के रह गए। फिर उस महिला अधिकारी ने पूरी आपबीती सुनाई। जिसके चलते स्थिति यह बनी की उस अधिकारी की नौकरी पर बन आई थी। उन्होंने कहा कि अपराधी अंदर से बहुत कमजोर होते हैं। वह लगातार छेड़छाड़ या परेशान इसलिए करते हैं, क्योंकि युवतियां इसका विरोध नहीं करती हैं या फिर पुलिस को शिकायत नहीं करती हैं। ज्यादातर युवतियां पुलिस के पास जाने से सकुचाती हैं। जबकि अपराधियों को सबक सिखाने के लिए पुलिस की मदद अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों की मदद के लिए ही है। इसलिए पुलिस से दूर नहीं भागें उसे अपना दोस्त मानें और महिला पुलिस अधिकारियों को खुलकर समस्या बताएं। कहीं भी छेड़छाड़ या कोई घटना होने पर महिला

हेल्पलाइन नम्बर सह

पुलिस अधिकारियों को तुरंत फोन लगाएं। इसके लिए पुलिस के नम्बर अपने मोबाइल में जरूर सेव कर रखें। एसपी विनीत कपूर ने कहा कि जब से कॉलेजों में पुलिस शिविर चालू हुए हैं, कई युवतियों ने गुमनाम पत्र लिखकर अपनी समस्याएं बताई हैं जिनका निराकरण भी किया जा रहा है और इस तरह पुलिस से उनकी दूरी कम हो रही है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एम प्रसाद ने छात्राओं को संस्कृति अनुसार आचरण करने और अपराधियों का मुकाबला करने की बात कही। मंच संचालन डॉ. ज्योति धनौतिया ने तथा आभार एडिशनल एसपी विनोद कुमार सिंह चौहान ने माना। इस दौरान आरआई सीएसपी भारतभूषण शर्मा, आरआई उपेंद्रसिंह, सहित टीआई संजीव चौकसे और कॉलेज स्टॉफ सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। आईजी ने कोतवाली का भी निरीक्षण किया।

Published on:
16 Nov 2017 04:47 pm
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