समस्या: शहर की खुदी पड़ी सड़कों पर मचा कीचड़, फिसलने लगे वाहन, चलना हुआ मुश्किल, कीचड़ में धंसते पांव
विदिशा. भीषण गर्मी और लम्बी प्रतीक्षा के बाद शुक्रवार की शाम करीब पौन घंटे जोरदार बारिश हुई। शहर इस दौरान तरबतर हो गया। बहुप्रतीक्षित बारिश से सब खुश हो गए, लेकिन जैसी आशंका थी वही हुआ। शहर की तमाम खुदी पड़ी सड़कों और गलियों में भारी कीचड़ मच गया। जरा देर की पहली ही बारिश में वाहन फिसलने लगे और लोगों का चलना दूभर हो गया। स्थिति यह थी कि बारिश रुकते ही जब लोग घरों से बाहर निकले तो अनायास ही मुंंह से निकला कि पहली बारिश की खुशी मनाएं या मुसीबत झेलें।
पहले गुरुवार की रात करीब 15 मिनट बारिश हुई और शुक्रवार की शाम 45 मिनट की झमाझम।
गर्मी से काफी हद तक राहत मिली, अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम 26 डिग्री पर आ गिरा। तपन में भी कमी आई। लेकिन यह सब तात्कालिक लगा। जैसे ही लोग शहर में निकले तो फिसलते वाहन, कीचड़ में धंसते पांव और लथपथ कपड़ों ने पहली बारिश की खुशी काफूर कर दी।
पीतलमिल चौराहे से सागर पुलिया को जाने वाले मार्ग पर गहरी खंतियां खुदी पड़ी हैं, इनमें पानी भर गया और सड़क पर लगे मिट्टी के ढेरों से मिट्टी बहकर सड़कों पर आकर वाहन चालकों की परेशानी बनने लगी। इसी तरह करैयाखेड़ा रोड के सामने से खरीफाटक की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहन फिसलते रहे। एसएटीआई से शेरपुरा और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के निवास तक जाने वाले मार्ग पर चलना दूभर हो गया। यही स्थिति अन्य तमाम मार्गों की भी रही। लोग यह नहीं समझ पा रहे थे कि कहां से जाएं, कैसे निकलें।
यह हाल पहली और महज 45 मिनट की बारिश के बाद का था। अब चंद रोज में ही बारिश कुछ दिनों के लिए रोज का काम होगा। फिर लोगों का बाहर निकलना, वाहन चलाना, पैदल निकलना, ब"ाों का स्कूल जाना, महिलाओं का मंदिर और बाजार जाना कितनी मुसीबतों से भरा होगा अंदाज लगाना मुश्किल है। इस समय पूरा शहर सीवेज लाइन और पेयजल लाइन के लिए खुदा पड़ा है। करीब 125 किमी सड़कें और गलियां नहीं बन सकी हैं। अब इस बारिश के पहलें ये काम पूरा होने की उम्मीद भी नहीं है। Óयादा परेशानी उन क्षेत्रों में है जहां अभी भी खुदाईजारी है। गहरी खंतियां और मिट््टी के ढेर लगे हैं, वहां लोगों को लम्बे समय तक भारी मुश्किलें झेलना पड़ेंंगी।
पत्रिका ने किया था अलर्ट
पत्रिका ने अपने 9 जून के अंक में अलर्ट किया था कि शहर में सवा सौ किमी सड़कें खुदी पड़ीं हैं, ऐसे में बारिश में दलदल की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। यह बात अब पहली ही बारिश में सामने आ गई है। लोगों के सामने परेशानी झेलने के सिवाय अब कोई रास्ता नहीं है।