
नई दिल्ली। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे नागरिक बने। इसके लिए उनको अच्छा पढ़ाया लिखाया जाता है। उनकी हर जरूरतों का ख्याल रखा जाता है। इसके बदले में माता-पिता को बस इतना ही चाहिए कि वह बुढ़ापे में उनका सहारा बने। जीवन भर की खून पसीने की कमाई सभी माता-पिता अपने बच्चों पर न्योछावर कर देते हैं ताकि वह पढ़ लिख कर एक अच्छा नागरिक बन जाए। लेकिन ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है क्योंकि आजकल जॉइंट फैमिली में रहना किसी को पसंद नहीं है। रही बात माता-पिता की तो बहुत कम लोग हैं जो अपने माता-पिता को साथ रखते हैं। इसी कड़ी में आज आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो अच्छा पढ़ा लिखा है। कई सालों से बेरोजगारी के कारण उन्होंने अपने माता-पिता पर मुकदमा कर दिया।
माता पिता पर किया मुकदमा
एक रिपोर्ट के अनुसार ऑक्सफोर्ड जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई करने के बावजूद 41 वर्षीय फैज सिद्दीकी पिछले लगभग एक दशक से बेरोजगार है। फैज का कहना है कि बेरोजगारी के कारण वह अपने मां और बाप पर निर्भर है। खबरों के अनुसार, फैज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल कर चुके है और वकालत का प्रशिक्षण भी हासिल लिया है। इसके बावजूद उसने अपने परिवार पर मुकदमा किया। उसकी मांग है कि उसके मां-बाप उसे ताउम्र आर्थिक रूप से समर्थन करते रहें।
20 सालों से बिना किराए दिए रह रहा है फैज
खबरों के अनुसार, फैज के माता-पिता दोनों दुबई में रहते हैं। उनका लंदन में एक फ्लैट भी है। बताया जा रहा है कि इस फ्लैट में फैज पिछले 20 सालों से बिना किराया देकर रह रहा है। खबरों के अनुसार, लंदन के हायडी पार्क में स्थित इस फ्लैट की कीमत 1 मिलियन पाउंड्स से बताई जा रही है।
हर महीने देते है डेढ़ लाख रुपए की राशि
एक रिपोर्ट के अनुसार, फैज की मां रक्षंदा की उम्र 69 साल की हैं। वही उनके पिता जावेद 71 साल के हैं। उम्र के इस पड़ाव में भी वे अपने बेटे के लिए हर हफ्ते 400 पाउंड यानी लगभग 40 हजार रूपए पहुंचाते हैं। एक महीने में लगभग डेढ़ लाख रूपए की राशि फैज दी जाती है। इतना ही नहीं उनके माता—पिता फैज के बिलों का भुगतान भी करते हैं। अब दोनों के बीच तनाव और झगड़े के बाद अब वे फैज को सपोर्ट नहीं करना चाहते है।