13 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या करने के जुर्म में यून नाम के शख्स को दोषी ठहराया गया और उसे आजीवन कारावास ( Life Imprisonment ) की सजा सुनाई गई, हालांकि बाद में अपील पर उसकी सजा कम कर दी गई।
नई दिल्ली। कभी न कभी आपने भी अपनी जिंदगी में किसी के मुंह से ये जरूर सुना होगा कि करे कोई और भुगते कोई। कुछ ऐसा ही वाकया साउथ कोरिया ( South Korea ) के एक शख्स के साथ घटा, इस घटना के बारे में जो भी सुनेगा उसका हैरान होना तय है, ये कहानी की कुछ ऐसी है।
दरअसल यहां एक शख्स को 13 वर्षीय की बच्ची ( Murder and Rape ) की हत्या और बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई। इस शख्स को स्थानीय पुलिस थाने में ले गई। जहां उसने तीन दिन की लंबी पूछताछ के बाद अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
13 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या करने के जुर्म में यून ( Yoon ) नाम के इस शख्स को दोषी ठहराया गया और जेल में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, हालांकि बाद में अपील पर उसकी सजा कम कर दी गई और उसे 20 साल की जेल के बाद रिहा किया गया था।
दरअसल यहां दस महिलाओं की हत्या कर दी गई थी। जिसमें 13 वर्षीय लड़की की हत्या उसके बिस्तर पर की गई थी। इन सभी हत्याओं के मामलों में पीड़ितों का यौन उत्पीड़न किया गया था। इनमें से पहली पांच हत्याएं ह्वासोंग में छह किलोमीटर के दायरे में हुई थीं, इसलिए पुलिस ने हर 100 मीटर की दूरी पर दो की टीमों को जांच का जिम्मा सौंपा।
अगली हत्या वहां हुई जहां पुलिस की मौजूदगी नहीं थी। हालांकि किलर ( Killer ) को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। कई सालों से ऐसा लग रहा था कि दक्षिण कोरिया का सबसे बदनाम सीरियल किलर कभी नहीं मिलेगा। लेकिन पुलिस ने अपनी खोज नहीं छोड़ी।
इस केस की जांच में जुटी पुलिस ( Police ) को पता लगा कि इन महिलाओं की हत्या में यून ( Yoon ) किसी भी तरीके से शामिल नहीं था। इस मामले को देख रहे एक अधिकारी ने कहा, "यह एक महत्वपूर्ण मामला है जिसने पूरे कोरिया में सवाल खड़े कर दिए हैं।
देश के सबसे खतरनाक सीरियल हत्या मामलों में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। लेकिन साथ ही इस केस ने अधिकारियों को मुश्किल अजीब स्थिति में ड़ाल दिया, क्योंकि ये 10 हत्या किसी और ने की थी। जबकि इसके लिए यून को जेल में 20 बिताने पड़े। हालांकि इस गलती के लिए कोर्ट ने भी यून से माफी मांगी।